प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे काशी एक, रूप अनेक का उद्घाटन

Updated Feb 13, 2020 19:36:57 IST | Tricity Today Reporter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी, 2020 को वाराणसी में उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ के “काशी एक, रूप अनेक” सांस्कृतिक कला और हस्तशिल्प कार्यक्रम का दीन दयाल हस्तकला संकल में उद्घाटन करेंगे।

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Narendra Modi
Key Highlights
उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (UPID) राज्य की कला और हस्तशिल्प को विश्व भर तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।
वाराणसी में 16 फरवरी से दीन दयाल हस्त्कला संकल में शुरू होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 10,000 से अधिक कारीगर और बुनकर शामिल होंगे।
इस आयोजन में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट' की प्रदर्शनी भी दिखाई जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी, 2020 को वाराणसी में उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ के “काशी एक, रूप अनेक” सांस्कृतिक कला और हस्तशिल्प कार्यक्रम का दीन दयाल हस्तकला संकल में उद्घाटन करेंगे।

इस आयोजन में 10,000 से अधिक कारीगर और बुनकर शामिल होंगे। जो इस कार्यक्रम के दौरान अपने काम का प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनी में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट' के तहत किए जा रहे कार्य भी शामिल होंगे। इसके अलावा, अमेजन, फ्लिपकार्ट, और अलीबाबा जैसी बड़ी कंपनियों और अन्य बड़े मार्केट प्लेयर्स सहित अन्य स्टेक होल्डर्स भी इवेंट में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद भी है। उनके नेतृत्व में, भारत का सॉफ़्ट पावर विश्व स्तर पर पहचाना जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का ये संकल्प है कि हमारी संस्कृति हमारी सॉफ़्ट पावर के मूल में निर्धारित हो और यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को पूरा करने का प्रयास है। 

इस आयोजन के बारे में बात करते हुए, यूपीआईडी ​​की चेयरपर्सन क्षिप्रा शुक्ला कहती हैं। ‘इस आयोजन में यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से इंडस्ट्री से जुड़े लोग आ रहे हैं जिसमें खरीदार शामिल है। इसमें IKEA और गोदरेज जैसे अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में तकनीकी सत्र के साथ उत्पादों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी, 3000 से अधिक टूलकिट और सुरक्षा किट का वितरण, बाइअर-सेलर की बैठक और फोटोग्राफी और कला वर्क्शाप शामिल हैं।' आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियों को प्रोत्साहित करना, लोकप्रिय बनाना और बढ़ावा देना है।

उत्तर प्रदेश के माइक्रो स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज (MSME) के विभाग के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (UPID) स्थापित है। उद्योग को प्रोत्साहित करने और कारीगरों और बुनकरों को डिजाइन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए यह संस्थान लगातार काम कर रहा है। पिछले एक साल में, यूपीआईडी ​​ने उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में 3500 से अधिक कार्यशालाएं आयोजित की हैं।

उत्तर प्रदेश में 23 लाख कारीगर और बुनकर रहते हैं जिसमें से अकेले वाराणसी से लगभग 35,800 कारीगरों और 1,50,000 बुनकर रहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना "वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट" (ODOP) की शुरुआत की है जिसमें हर जिले से एक शिल्प की पहचान कर उसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने परीक्षण प्रयोगशालाओं, सामान्य सुविधा केंद्रों, प्रदर्शनियों आदि की स्थापना की जा रही है और कारीगरों और बुनकरों के लिए सीधे बाजार तक पहुंच को आसान बनाने और उनकी आय में सुधार करने पर भी काम किया जा रहा है। 

"काशी एक रूप अनेक" का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सभी शिल्पों और हस्तशिल्पों को प्रत्यक्ष वैश्विक बाजार तक पहुंच प्रदान करना है।