VIDEO: गाजियाबाद में हजारों मजदूरों के पहुंचने से बेकाबू हालात पर प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट, क्या कहते हैं अफसर

Updated May 18, 2020 17:21:12 IST | Tricity Reporter

लॉकडाउन के कारण गाजियाबाद में दूसरे राज्यों और जिलों के फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। गाजियाबाद...

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गाजियाबाद में हजारों मजदूरों के पहुंचने से बेकाबू हालात

लॉकडाउन के कारण गाजियाबाद में दूसरे राज्यों और जिलों के फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। गाजियाबाद से सोमवार को तीन ट्रेन बिहार के लिए और तीन ट्रेन उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए चलाई गई हैं। अपने घर जाने के लिए प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ गाजियाबाद के रामलीला मैदान में उमड़ पड़ी। जिसे संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन के छक्के छूट गए। हालात ऐसे हैं कि कोई सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है। दूसरी ओर चिलचिलाती धूप में मजदूर हाल बेहाल हैं। इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, गाजियाबाद पुलिस के अधिकारी कह रहे हैं कि हालात सामान्य हैं। 

अपने घर जाने के लिए उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई पोर्टल पर मजदूरों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है। बड़ी संख्या में मजदूर जानकारी के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इनकी समस्या का समाधान करने के लिए शहर के दो रामलीला मैदान में काउंटर खोलने का ऐलान कर दिया। इसके बाद हजारों मजदूरों की भीड़ रामलीला मैदान पहुंच गई। हालात बेकाबू हो गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का किसी को कोई ख्याल नहीं है। बड़ी समस्या यह हुई है कि काउंटर केवल एक खोला गया है और मजदूरों की भीड़ हजारों में है।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब हालात नियंत्रण में हैं। गाजियाबाद के एसपी सिटी ने एक वीडियो बयान जारी करके कहा, सारी चीजें व्यवस्थित तरीके से चल रही हैं। सोमवार को गाजियाबाद से मजदूरों को लेकर 6 ट्रेन उनके जिलों में जा रही है। जिसके चलते भारी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां पहुंच गए हैं। अब सब कुछ सामान्य कर लिया गया है। लोग बहुत शांतिपूर्ण तरीके से और आराम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं।

बिहार के रक्सौल, मुजफ्फरपुर और पटना के लिए ट्रेनों का संचालन गाजियाबाद से किया जा रहा है। इसकी व्यवस्था घंटाघर रामलीला मैदान में की गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर बनारस और प्रयागराज के लिए तीन ट्रेनों का संचालन किया गया है। इनके यात्रियों के लिए कवि नगर रामलीला मैदान में व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। सूचना के बाद सुबह 4:00 बजे से ही लोगों की भीड़ रामलीला मैदान पहुंच गई। दोनों मैदानों में 10 हजार से ज्यादा लोग अपने घर जाने की आस में दौड़ पड़े। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों को टिकट नहीं मिल सके। 

घर जाने वालों की भीड़ के आगे यहां सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं। लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल भी पालन नहीं किया। यहां तक कि जिन बसों में यात्रियों को रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया, उनमें भी यात्रियों को ठूस ठूसकर भर दिया गया है। गाजियाबाद के रामलीला मैदान में प्रवासियों की भारी भीड़ है। छह ट्रेन जानी हैं। इसके चलते मैदान में पांव धरने की भी जगह नहीं है।

दूसरी ओर मैदानों में भारी भीड़ जमी है। उनके लिए पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं है। लोग सुबह से चिलचिलाती धूप के बीच बैठे हुए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चों की भी बड़ी संख्या है। ऐसे में हालात संभालने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। भगदड़ जैसी आशंका को लेकर अधिकारियों के हाथ पांव फूले हुए हैं।

अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, "प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है। यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती। यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की बात की, बसों को उप्र बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो यूपी सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें परमिशन तक नहीं दी। विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उससे इंकार है।"

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