जेवर एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बनी खास योजना, देश के नामचीन संस्थान को जिम्मेदारी मिली

जेवर एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बनी खास योजना, देश के नामचीन संस्थान को जिम्मेदारी मिली

जेवर एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बनी खास योजना, देश के नामचीन संस्थान को जिम्मेदारी मिली

Tricity Today | जेवर एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बनी खास योजना

जेवर एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले वन्यजीवों के लिए बनी खास योजना, देश के नामचीन संस्थान को जिम्मेदारी मिली

जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) परियोजना से प्रभावित होने वाले वन्य जीवों का संरक्षण किया जाएगा। एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वन्य जीवों का संरक्षण करने के लिए देहरादून का भारतीय वन्य जीव संस्थान बड़ी योजना तैयार कर रहा है। संस्थान जल्दी दो हिस्सों में अपनी रिपोर्ट देगा। पहली रिपोर्ट अगले एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। वन्य जीवों के संरक्षण के लिए संस्थान ने साइंटिफिक सेंटर बनाकर 10 वर्षों तक निगरानी करने का सुझाव दिया है।

वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून (डब्ल्यूआईआई) और यमुना प्राधिकरण (Yamuna Authority) के बीच बुधवार को ऑनलाइन बैठक हुई। एयरपोर्ट के लिए बनबारीवास, रन्हेरा, किशोरपुर, रोही, पारोही, दयानतपुर की 1334 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की गई है। एयरपोर्ट परियोजा के दायरे में पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव के आंकलन के लिए डब्ल्यूआईआई संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है।  इस क्षेत्र में धनौरी वेटलैंड, काले हिरण, सारस, नील गाय आदि हैं। इनके संरक्षण की जरूरत है। एयरपोर्ट से प्रभावित वन्य जीव एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान दो हिस्सों में रिपोर्ट देगा। एयरपोर्ट के दस किमी के दायरे में आने वाले वन्य जीव एवं वेटलैंड संरक्षण के लिए पहली रिपोर्ट एक सप्ताह में मिलेगी। दूसरी रिपोर्ट 25 किमी के दायरे में संरक्षण को लेकर होगी।

संस्थान ने साइंटिफिक सेंटर बनाकर दस वर्षों तक निगरानी और जरूरत के अनुसार संरक्षण की कार्य योजना को अपडेट करने का सुझाव दिया है। बैठक में वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर बन रही कार्य योजना पर चर्चा हुई। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि वह दो चरणों में अपनी रिपोर्ट देंगे। पहले चरण में एयरपोर्ट क्षेत्र के 10 किमी के दायरे और दूसरे चरण में 25 किमी का दायरे पर रिपोर्ट व कार्ययोजना होगी। डब्ल्यूआईआई के अधिकारियों ने बताया कि वन्य जीवों की सुरक्षा एवं उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर बनाया चाहिए। किसी वन्य जीव के घायल होने पर उसे उपचार मिल सके। यह सेंटर संरक्षण की दिशा में हो रहे कार्यों की दस वर्षों तक निगरानी करेगा। यमनुा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ एयरपोर्ट क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई है। संस्थान एक सप्ताह में पहली रिपोर्ट सौंप देगा।

अब एयरपोर्ट की प्रगति के लिए हर माह होगी बैठक

नोएडा इंटरेनशनल एयरपोर्ट जेवर का निर्माण शुरू होने के बाद उसकी निगरानी भी की जाएगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि निर्माण शुरू होने के बाद हर महीने की 10 तारीख को बैठक की जाएगी। यह बैठक विकासकर्ता कंपनी और नियाल के बीच होगी। बैठक में निर्माण की गुणवत्ता व तय समय पर निर्माण पूरा करने पर जोर रहेगा।

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