पानी को लेकर जगह-जगह पर नुक्कड़ नाटक

Updated Feb 15, 2020 17:28:29 IST | Rakesh Tyagi

खोड़ा में लगातार हो रही पानी की किल्लत आने वाले चुनावो में भाजपा पर भारी पड सकती है। क्योकि पानी को लेकर जगह जगह नुक्कड नाटको और सभाओ का दौर शुरू हो चुका है। यह नुक्कड नाटक और सभाए धीरे धीरे आंदोलन का रूप ले रही है। लोग मौजूदा सरकार में सांसद, विधायक और चेयरमेन पर जमकर गुस्सा निकाल रहे है।जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले चुनाव में लोगो का एकमात्र मुददा सिर्फ पानी ही रहेगा और पानी की किल्लत को दूर नही करना भाजपा पर भारी पड सकता है जबकि दूसरी पार्टी के लोग पानी की जरूरत को पूरी करने के वादो पर वोट बटोरने में कामयाब हो जाएंगे। लोगो का कहना है कि आगामी चुनाव में यदि भाजपा प्रत्याशी की तरफ से पानी की किल्लत को दूर करने की बात कही जाएगी तो उनसे पांच वर्ष में पानी की किल्लत दूर नही करने की वजह पूछी जाएगी। लोगो का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी से पूछा जाएगा कि जब लोक सभा, विधानसभा और खोडा में भाजपा के चुने हुए लोग बैठे थे तब पानी की समस्या को दूर करने का प्रयास क्यो नही किया गया। बताते चले कि खोडा में नगरपालिका परिषद बनने के बाद करोडो रूपए का फंड खर्च हो चुका है लेकिन पानी को लेकर सिर्फ आश्वासन के अलाव कुछ नही मिला। लोग पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लाखो रूपए खर्च करके खारा पानी पीने को मजबूर हो रहे है। एक व्यक्ति ने बताया कि जिस तरह से दिल्ली से भाजपा को करारी हार मिली है यदि खोडा में पानी की समस्या को दूर नही किया गया तो आने वाले चुनाव में खोडावासी भाजपा को दिल्ली चुनाव जैसा ही सबक सिखाएंगे।

Photo Credit:  Tricity Today

खोड़ा में लगातार हो रही पानी की किल्लत आने वाले चुनावो में भाजपा पर भारी पड सकती है। क्योकि पानी को लेकर जगह जगह नुक्कड नाटको और सभाओ का दौर शुरू हो चुका है। यह नुक्कड नाटक और सभाए धीरे धीरे आंदोलन का रूप ले रही है। लोग मौजूदा सरकार में सांसद, विधायक और चेयरमेन पर जमकर गुस्सा निकाल रहे है।जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले चुनाव में लोगो का एकमात्र मुददा सिर्फ पानी ही रहेगा और पानी की किल्लत को दूर नही करना भाजपा पर भारी पड सकता है जबकि दूसरी पार्टी के लोग पानी की जरूरत को पूरी करने के वादो पर वोट बटोरने में कामयाब हो जाएंगे। 

लोगो का कहना है कि आगामी चुनाव में यदि भाजपा प्रत्याशी की तरफ से पानी की किल्लत को दूर करने की बात कही जाएगी तो उनसे पांच वर्ष में पानी की किल्लत दूर नही करने की वजह पूछी जाएगी। लोगो का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी से पूछा जाएगा कि जब लोक सभा, विधानसभा और खोडा में भाजपा के चुने हुए लोग बैठे थे तब पानी की समस्या को दूर करने का प्रयास क्यो नही किया गया। बताते चले कि खोडा में नगरपालिका परिषद बनने के बाद करोडो रूपए का फंड खर्च हो चुका है लेकिन पानी को लेकर सिर्फ आश्वासन के अलाव कुछ नही मिला। लोग पानी की जरूरत पूरी करने के लिए लाखो रूपए खर्च करके खारा पानी पीने को मजबूर हो रहे है। एक व्यक्ति ने बताया कि जिस तरह से दिल्ली से भाजपा को करारी हार मिली है यदि खोडा में पानी की समस्या को दूर नही किया गया तो आने वाले चुनाव में खोडावासी भाजपा को दिल्ली चुनाव जैसा ही सबक सिखाएंगे।