पुलिस की वर्दी पहनकर डकैती डालने वाला पूरा खानदान गिरफ्तार

Updated Jan 31, 2020 15:44:21 IST | Tricity Today Reporter

पुलिस की वर्दी पहनकर डकैती डालने वाले छेमार गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह में शामिल 4 महिलाओं समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। डकैती का माल भी बरामद...

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पुलिस की वर्दी पहनकर डकैती डालने वाला पूरा खानदान गिरफ्तार

पुलिस की वर्दी पहनकर डकैती डालने वाले छेमार गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह में शामिल 4 महिलाओं समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। डकैती का माल भी बरामद किया गया है। पुलिस ने इनके पास से कई फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस गिरोह की पहचान करने में जुटी है। 

एसएसपी अजय साहनी ने छेमार गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि खरखोदा के फकुंडा में बदमाशों ने 26 जनवरी की रात दो घरों में डाका डाला था। इसके पहले इस गिरोह ने 24 जनवरी की रात दो घरों में डाका डाला था। इस गिरोह में 9 बदमाश है। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद किया है। 

एसएसपी अजय साहनी ने बताया की, इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं। जो इलाके में जाकर रेकी किया करती थी और उसके बाद डकैती की वारदात को अंजाम दिया जाता था। गिरोह के कुछ लोग पुलिस वर्दी पहनकर दबिश के बहाने यह किसी महिला की बरामदगी की बात कहकर अंदर घर मे घुस जाते थे। बदमाशों के पास से पुलिस की वर्दी भी बरामद कर ली गई है। 

बताया है कि ग्रुप में सरगना चंद्रपाल उसकी पत्नी कमलेश बेटा राहुल पुत्रवधू कविता है। ये सब साथ डकैती डालते थे। पूरा खानदान ही लुटेरों का है। एसएसपी ने बताया कि, इन लोगों के नाम हिंदू हैं लेकिन इनके परिवार के दो सदस्य दूसरे संप्रदाय की तरह शादी करते हैं। जिसको लेकर खुफिया विभाग को भी अलर्ट किया गया है किस गिरोह की सच्चाई पता करें।

कार लूटने की थी हत्या
गिरोह ने कबूल किया है कि 2016 में लाल कुर्ती, इंचोली में कार लूट के दौरान दो लोगों की हत्या की गई थी। इसमें एक डॉक्टर था। गैंग आसपास जिलों में वारदात कर चुका है। हापुड़ के बक्सर में योगेंद्र के घर डकैती गैंग ने कबूल कर ली है। मसूरी गाजियाबाद में 24 जनवरी की रात चोरों ने यमुना पुरम कॉलोनी में डकैती डाली इस मामले में अंकुश नरेंद्र अर्जुन गिरफ्तार किए गए थे। इस गिरोह के पास आधार कार्ड भी हैं। जो कि हर आधार कार्ड में फोटो तो इन्हीं लोगों के हैं। लेकिन नाम पते अलग हैं। जिस भी जगह यह लोग रहते हैं। वहां फर्जीवाड़े से आधार कार्ड बनवा लेते हैं। आधार कार्ड बनवाने में इन लोगों की मदद जलालपुर गांव के प्रधान गजराज ने की थी।