आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अफसरों संग बैठक की, इन मसलों का मांगा हल

Noida News : आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अफसरों संग बैठक की, इन मसलों का मांगा हल

आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अफसरों संग बैठक की, इन मसलों का मांगा हल

Tricity Today | आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अफसरों संग बैठक की

आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अफसरों संग बैठक की, इन मसलों का मांगा हल Noida News : डीडीआरडब्ल्यूए ने सेक्टर-35 के बारात घर में पुलिस अधिकारियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें शहर की तकरीबन 30 आरडब्ल्यूए और समाज सेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता एनपी सिंह ने की। इस बैठक का मकसद शहर में यातायात से जुड़ी समस्याओं को पुलिस के संज्ञान में लाना था। आरडब्ल्यूए और संस्थाओं ने लोगों की समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया। 

बैठक में नोएडा पुलिस से डीसीपी राजेश एस, एडीसीपी रणविजय सिंह, एसीपी-2 रजनीश वर्मा, एसीपी-3 श्याम जीत प्रमिला सिंह, सेक्टर-49 एसएचओ वीके सिंह, सेक्टर-24 एसएचओ उपस्थित रहे। डीडीआरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक का मुख्य बिंदु लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करना था। बैठक में आए सभी सदस्यों ने अपने-अपने एरिया सेक्टर से संबंधित समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। बैठक में एनपी सिंह, संजीव कुमार, अमित गुप्ता, अनिल खन्ना, एसपी चौहान, प्रमोद वर्मा, अनिल सिंह, महिपाल सिंह, रजनीश नंदन, अनु खान आदि मौजूद रहे। 

बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा हुई - 

1. सेक्टर-50 मार्केट के पास प्रतिदिन सेक्टर-49 थाना पुलिस वाहनों की चेकिंग के लिए एक पीसीआर खड़ी कर बैरियर लगाती है। परन्तु उससे कोई फायदा नहीं होता। क्योंकि अराजक तत्व उससे पहले ही सेक्टर-50 के अंदर जाने वाले कट से जाकर मार्केट से होकर दूसरे कट से बाहर निकल जाते हैं। इसलिए पीसीआर की गाड़ी को सेक्टर-50 के दूसरे कट से आगे खड़ा करना चाहिए। ताकि अराजक तत्वों को रोका जा सके।
2. सेक्टर-51 में सुरक्षा के मद्देनजर कुछ जगहों पर होशियारपुर गांव और शहर के बीच में गेट लगाने की आवश्यकता है। पुलिस से अनुरोध है कि गेट लगाने में आरडब्ल्यूए की मदद करें।
3. नोएडा के सभी रेजिडेंशियल सैक्टर के पार्क में रात्रि गश्त होनी चाहिए। त्योहारों के मौसम में बाजारों में अतिरिक्त महिला पुलिस की तैनाती होनी चाहिए।
4. पुलिस-प्रशासन को आरडडब्ल्यूए के पदाधिकारियों और उनके सुरक्षा गार्डों के साथ नियमित रूप से हर महीने मीटिंग करनी चाहिये। 
5. जो भी लेटर आरडडब्ल्यूए थाने या पुलिस के आला अधिकारियों को भेजती है, थाने में उसकी रिसीविंग नहीं दी जाती। 
6. सेक्टर-19 सनातन धर्म मंदिर के पास ज़िलाधिकारी कार्यालय और पोस्ट ऑफ़िस है। मंदिर के सामने पुलिस पिकेट होनी चाहिये।
6. सेक्टरों में जगह-जगह रेहड़ी-खोमचे वाले अतिक्रमण करते हैं। इनके चलते सेक्टर की तंग गलियों में जाम लगता है। इस तरह के एंक्रोचमेंट से सेक्टर की सुरक्षा-व्यवस्था भी प्रभावित होती है और सेक्टर गंदा भी रहता है। आरडब्ल्यूए इन सभी एंक्रोचमेंट से काफी परेशान रहती है। पुलिस इस मसले पर भी आरडब्ल्यूए की मदद करे।
7. नोएडा के अधिकतर सेक्टर की इंटरनल सड़कों पर भी रात्रि में कॉमर्शियल टैक्सी, बस व ट्रक पार्क कर दिए जाते हैं। जिससे सेक्टर की सेक्योरिटी प्रभावित होती है।
8. चैन स्नैचिंग की समस्या पर अंकुश लगाना जरूरी है।
9.  मेट्रो स्टेशनों पर महिला सवारियों के साथ ऑटो चालकों की बदतमीजी को खत्म करने के लिए सभी स्टेशनों पर पुलिस बल की तैनाती की जाए।
 10. गांव एरिया में भी शहरों की तरह स्मार्ट पुलिसिंग के तर्ज पर गश्त हो। 
11. सेक्टर-108 में साइबर क्राइम ऑफिस बनने की वजह से लोकल थानों में साइबर अपराध की शिकायत न लिए जाने की समस्या का निवारण किया जाए।
12. शहर में क्राइम को कम करने के लिए शासन-प्रशासन पर्याप्त कैमरे लगवाए। 
13. देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा शहर में अभी भी शिकायत दर्ज कराने गए व्यक्ति से ही अपराधियों की तरह सलूक किया जाता है। इससे शहरवासी काफी परेशान हैं। पुलिस के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए उनकी ट्रेनिंग करवाई जाए। 
14. महिला सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। इस मामले में पुलिस को और अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है।
15. विभाग से अनुरोध किया गया कि पुलिस पेट्रोलिंग शहरों की सड़कों पर बढ़ाई जाए। इससे अपराध अपने आप कम होगा।
16. अंकुर अग्रवाल से अनुरोध किया गया कि कुत्तों की वजह से मामला दर्ज करने से पहले जांच जरूरी है। 
17. गौतमबुद्ध नगर में सीनियर सिटीजन की मदद के लिए सवेरा मिशन की तरह कोई अभियान चलाया जाए। 
18. नोएडा को अब स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है। सभी बाजार स्थल और आवासीय सोसायटियां जो सीसीटीवी निगरानी में हैं, उन्हें नियंत्रण केंद्र से जोड़ा जाएगा और केंद्रीय रूप से निगरानी की जाएगी।

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