गौतमबुद्ध नगरः जिले में वैक्सीन की किल्लत के चलते हजारों लोगों को दूसरी खुराक नहीं मिली, प्रशासन ने कहा- ‘इंतजार करें’

जिले में वैक्सीन की किल्लत के चलते हजारों लोगों को दूसरी खुराक नहीं मिली, प्रशासन ने कहा- ‘इंतजार करें’

Tricity Today | टीकाकरण केंद्र पर पसरा सन्नाटा

  • 8 मार्च को नोएडा के सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में “आज टीकाकरण नहीं होगा” का बोर्ड लटकाया गया
  • जिला प्रशासन ने निर्धारित 10000 टीकाकरण के लक्ष्य को 30 फ़ीसदी तक घटा दिया है
  • सीएमओ ऑफिस से गुरुवार को टीकाकरण नहीं करने का आदेश जारी हुआ था
  • मार्च में 66424 लोगों को पहली खुराक दी गई थी
गौतमबुद्ध नगर में कोरोना वायरस का टीकाकरण अभी पूरी रफ्तार भी नहीं पकड़ पाया था कि वैक्सीन की कमी के चलते इसकी गति थम गई है। गुरुवार, 8 अप्रैल को नोएडा के सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में “आज टीकाकरण नहीं होगा” का बोर्ड लटका दिया गया। यहां तक की जिला प्रशासन ने निर्धारित 10000 टीकाकरण के लक्ष्य को 30 फ़ीसदी तक कम कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द ही वैक्सीन की खुराक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन बुजुर्गों और बीमारियों से पीड़ित लोगों को उनकी पूर्व निर्धारित तिथि पर वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं मिल पा रही है। 

‘टीकाकरण नहीं होगा’ का लटका बोर्ड
पहले लोग टीकाकरण केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे थे। मगर 45 वर्ष उम्र सीमा में छूट मिलने के बाद लाभार्थी सेंटर पर जाने लगे तो वैक्सीन की किल्लत होने लगी है। रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। इसका कारण मेरठ से वैक्सीन के नोएडा ना पहुंचने को बताया जा रहा है। दूर-दूर से आए लोगों को परेशान होकर वापस जाना पड़ रहा है। नोएडा के ईएसआई अस्पताल में कोरोना की वैक्सीन न पहुंच पाने के कारण “आठ तारीख को टीकाकरण नहीं होगा”  का बोर्ड लगा दिया गया। टीका लगवाने आए लोगों को वापस घर भेज दिया गया। 



लोगों को तकलीफ उठानी पड़ी 
इस वजह से टीकाकरण केंद्र पहुंचे लोगों को भारी दिक्कत हुई। लोग दूर–दूर से वैक्सीन की खुराक लेने पहुंचे थे। मगर बोर्ड को देख कर निराश होकर वापस लौट गए। ग्रेटर नोएडा से टीका लगाने आए एक शख्स का कहना था कि, ‘टीकाकारण नहीं होगा’ का बोर्ड देख कर उन्हें वापस लौटना पड़ा। अगर पहले सूचना मिल जाती तो समय और पैसा दोनों बच जाता। खोडा कॉलोनी की रहने वाली एक महिला को उनके ऑफिस की तरफ से टीका लगवाने को कहा गया था। वह ऑफिस से छुट्टी लेकर आई थीं। पर टीका नहीं लग पाया। टीका लगवाने आए लोगों का कहना है कि सरकार विदेश में टीका भेज रही है। लेकिन देश के लोगों के लिए टीका उपलब्ध नहीं करा पा रही है। 

सीएमओ से मिला था आदेश
नोएडा के सेक्टर-24 में स्थित ईएसआई अस्पताल को वैक्सीनेशन सेंटर बनाया गया है। वहां टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी डॉ प्रवीण का कहना है कि, सुबह सीएमओ ऑफिस से सूचना आई थी। इसमें कहा गया था कि गुरुवार को टीकाकरण नहीं होगा। इसीलिए सूचना को बोर्ड पर लगा दिया गया। उनको गुरुवार को होने वाले टीकाकरण में पहुंचने वाले लाभार्थियों के बारे में भी जानकारी नहीं है। अधिकारी ने बताया कि ये जानकारी सीएमओ ऑफिस को है। हालांकि उन्होंने कहा कि जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ है, उनको फिर से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन स्टॉक में उपलब्ध होते ही ऐसे लोगों को टीका लगाया जाएगा। 

66424 लोगों को पहली खुराक दी गई थी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले चार दिनों से जिले में कोरोना वैक्सीन की कमी है। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को बेहद कम मात्रा में डोज मिल रही है। इसीलिए विभाग ने प्रतिदिन के लिए निर्धारित 10 हजार टीकाकरण के लक्ष्य को 30 फीसदी तक कम कर दिया है। जिले में कोविशील्ड व को-वैक्सीन दोनों ही टीकों का अभाव है। तीसरे चरण के तहत बुजुर्गों व बीमारों को कार्ड में लिखी तिथि के अनुसार दूसरी डोज नहीं मिल पा रही है। एक मार्च से जिले में तीसरे चरण के टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। इसके तहत एक महीने में 66 हजार 424 से अधिक लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई। 

दूसरी खुराक पर्याप्त मात्रा में नहीं है उपलब्ध
प्रोटोकॉल के मुताबिक दो अप्रैल से इन सभी को टीके की दूसरी खुराक मिलनी चाहिए। मगर वैक्सीन की कमी के चलते उन्हें यह खुराक नहीं मिल पा रही है। टीके की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग दूसरी डोज के लिए अस्पताल पहुंच रहे लोगों को 6-8 हफ्ते में कोविशील्ड का दूसरा टीका लगाने के आदेश का हवाला देकर वापस भेज देता है। पहले 4-6 सप्ताह में टीका लगाने का आदेश था। यही कारण है कि दूसरी डोज लेने वालों की संख्या पहली डोज लेने वालों के मुकाबले कम है। वैक्सीन शासन से ही कम मिल रही है। बीते मंगलवार को मेरठ मंडल के लिए कुल 30 हजार डोज मिली। इसमें से गौतमबुद्ध नगर को सिर्फ 5,500 वैक्सीन की डोज दी गईं। हालांकि वैक्सीन की कमी को लेकर अधिकारी अंधेरे में हैं। उनका कहना है कि शासन से ही कम खुराक मिल रही है। इसकी वजह के बारे में उन्हें फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

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