इस रियल एस्टेट परियोजना ने यूपी रेरा को भारत में बनाया नंबर-1, अब सैकड़ों खरीदारों को मिलेंगे उनके घर

नोएडा से आज की बड़ी खबर : इस रियल एस्टेट परियोजना ने यूपी रेरा को भारत में बनाया नंबर-1, अब सैकड़ों खरीदारों को मिलेंगे उनके घर

इस रियल एस्टेट परियोजना ने यूपी रेरा को भारत में बनाया नंबर-1, अब सैकड़ों खरीदारों को मिलेंगे उनके घर

Tricity Today | UP RERA

इस रियल एस्टेट परियोजना ने यूपी रेरा को भारत में बनाया नंबर-1, अब सैकड़ों खरीदारों को मिलेंगे उनके घर Noida/Lucknow News : यूपी रेरा (UP Rera) द्वारा रेरा अधिनियम की धारा-8 के तहत पुनर्वास कर अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को पूरा करवाया जा रहा है। इसको लेकर यूपी रेरा एक अभियान चलाया हुआ है। इसी अभियान के तहत जेपी ग्रीन्स कैलिप्सो कोर्ट परियोजना के टावर नंबर 7 और 8 को नोएडा अथॉरिटी से 1 अगस्त 2022 को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया है। इस तरीके से यूपी रेरा की निगरानी में कैलिप्सो कोर्ट परियोजना ना केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में धारा-8 के तहत शेष निर्माण कार्य पूर्ण कर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाली प्रथम रियल एस्टेट परियोजना बन गई है। यह परियोजना मेसर्स जयप्रकाश एसोसिएटस लिमिटेड द्वारा गौतमबुद्ध नगर में नोएडा के सेक्टर-128 में विकसित की जा रही है।

274 फ्लैटों पर कब्जा करने का रास्ता खुला
कैलिप्सो कोर्ट परियोजना के टावर 7 और 8 का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद 148 फ्लैटों के आवंटियों को कब्जा देने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाएगी। यह भी आशा की जा रही है कि परियोजना के अन्य 2 टॉवर 11 और 12 को भी कुछ हफ्तों में ओसी प्राप्त हो जाएगा। जिससे 4 टावरों के 274 फ्लैटों पर कब्जा देने का रास्ता खुल जाएगा। इन आवंटियों ने वर्ष 2010-11 में घर की बुकिंग की थी और लगभग एक दशक के बाद इनको अपने सपनों के घर में प्रवेश मिल सकेगा। रियल एस्टेट सेक्टर में कैलिप्सो कोर्ट मॉडल के नाम से प्रचलित यह परियोजना अपने तरह का एक अलग मिसाल बनेगा।

वर्ष 2017 में 8 टॉवरों का पंजीकरण कराया
प्रोमोटर ने वर्ष 2017 में इस परियोजना के 8 टॉवर को उत्तर प्रदेश रेरा में पंजीकृत किया था। पंजीकरण तिथि समाप्त होने तक केवल 4 टावरों का निर्माण हो पाया था। बीते 29 जुलाई 2020 को जारी आदेश के अनुसार यूपी रेरा ने शेष 4 टावरों 7, 8, 11 और 12 के 304 इकाइयों के पुनर्वास के लिए प्रोमोटर को 50 प्रतिशत से ज्यादा आवंटियों के संघ प्रोग्रेसीव वेलफेयर सोसाइटी की सहमति से अधिकृत किया था। आदेश के अनुसार प्रोमोटर को 18 माह में परियोजना के शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिया गया था। 

यूपी रेरा की पहली परियोजना हुई पास
इस परियोजना को पूरा करवाने में संघ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद रेरा की स्थापना एक मील का पत्थर स्थापित होने जैसा है, जहां एक नियामक प्राधिकरण द्वारा परियोजना को पूरा किया गया है। यह उन 14 परियोजनाओं में से पहली परियोजना है, जो यूपी रेरा की देखरेख और निगरानी में पूरी की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश रेरा की यह पहल केन्द्र व राज्य सरकार के राजकोष और अचल सम्पत्ति क्षेत्र में भी योगदान देगी। 

यूपी रेरा के अध्यक्ष ने लोगों को दी बधाई
सेक्शन-8 के अंतर्गत पहली परियोजना सफल होने के यूपी रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने प्रोमोटर और आवंटियों के संघ को बधाई दी है। सुखद राजीव कुमार ने कहा, "यह पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि है। रेरा अधिनियम रियल एस्टेट परियोजनाओं के पूर्ण होने में होने वाले अत्यधिक विलम्ब पर अंकुश लगाने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने में रेरा अधिनियम के प्राविधानों का प्रभावी उपयोग इस क्षेत्र में बड़े सकारात्मक परिवर्तन का द्योतक बनेगा। मुझे गर्व है कि यूपी रेरा इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है और रेरा अधिनियम की धारा 8 के प्राविधानों का उपयोग करके देश में पहली परियोजना को पूरा कर रहा है। मुझे विश्वास है कि ज्यादा से ज्यादा प्रोमोटर्स और आवंटी संघ इस मंच का उपयोग करके रुकी हुई परियोजनाएं पूर्ण करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।"

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