नेमचंद अटल का मामला धीरेंद्र सिंह ने शासन में उठाया, मुख्यमंत्री के सचिव ने डीएम से मांगी जानकारी

मुख्यमंत्री के सचिव ने डीएम से मांगी जानकारी

Tricity Today | MLA Dhirendra Singh & Nemchand Sharma

लोकतंत्र सेनानी नेमचंद शर्मा 'अटल' की पेंशन गलत ढंग से रोकने का मामला शासन तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव संजय प्रसाद ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई से इस मामले पर जानकारी मांगी है। दरअसल, आपके अपने न्यूज़ पोर्टल ट्राईसिटी टुडे पर यह समाचार प्रकाशित होने के बाद जेवर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने संज्ञान लिया था। विधायक ने मामले में लोकतंत्र सेनानी को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। सोमवार को लखनऊ में विधायक ने मुख्यमंत्री के सचिव को लोकतंत्र सेनानी की परेशानी के बारे में जानकारी दी है।

विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि लोकतंत्र सेनानी नेमीचंद शर्मा 'अटल' की पेंशन बहाली के लिए मुख्यमंत्री के सचिव संजय प्रसाद को जानकारी दी है। संजय प्रसाद ने जिलाधिकारी सुहास एलवाई से बात की है। जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण पर संज्ञान ले लिया है। जल्दी ही नेमचंद शर्मा की पेंशन बहाल कर दी जाएगी। इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव ने भी डीएम से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी ओर इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने ट्राईसिटी टुडे को बताया है कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। जल्दी ही इस मामले को लेकर निर्णय ले लिया जाएगा।

यह है पूरा मामला 
पीड़ित नेमचंद शर्मा ने बताया कि अक्टूबर, 2019 में कानूनी अड़चनों का हवाला देकर उनकी लोकतंत्र सेनानी पेंशन सम्मान राशि का भुगतान रोक दिया गया। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात संबंधित अधिकारी को शिकायत दी। अफसर ने उनसे पेंशन बहाली के नाम पर रिश्वत की मांग की। उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। इससे नाराज अधिकारी ने अपने पद का फायदा उठाते हुए उनकी पेंशन रोक दी। अफसर ने उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया।

दो डीएम और सांसद कुछ मदद नहीं कर पाए
यहां तक कि बाबू ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा है कि जब तक वह डीएम कार्यालय में तैनात है, कोई भी उनकी पेंशन बहाल नहीं करा सकता है। पिछले डेढ़ साल की भागदौड़ से थक हारकर पीड़ित नेमचंद शर्मा ‘अटल’ ने 2 मार्च को डीएम दफ्तर पर सत्याग्रह करने की ठानी है। पेंशन बहाली को लेकर वह गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई, पूर्व जिलाधिकारी बीएन सिंह, सांसद डॉ.महेश शर्मा समेत सभी जनप्रतिनिधियों और बड़े अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सिवाय कागजी कार्रवाई और आश्वासन के उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ है। 

सांसद की चिट्ठी को भी तरजीह न दी
इसकी शिकायत लेकर लोकतंत्र सेनानी गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा से मिले। सांसद ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया और जिलाधिकारी के नाम एक पत्र दिया। इसको एक साल से ज्यादा बीत गया है। मगर उस पत्र पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि नवंबर 2019 से अब तक वह लगातार डीएम ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं। मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा है। उनके पास सत्याग्रह के सिवा कोई विकल्प नहीं है।

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