चार अफसरों पर गिरी गाज, दो मामले दर्ज, शासन ने नए अधिकारियों के हवाले किया जिला जेल

Chitrakoot Jail Shootout: चार अफसरों पर गिरी गाज, दो मामले दर्ज, शासन ने नए अधिकारियों के हवाले किया जिला जेल

चार अफसरों पर गिरी गाज, दो मामले दर्ज, शासन ने नए अधिकारियों के हवाले किया जिला जेल

Social Media | चित्रकूट जिला जेल में शुक्रवार को गैंगवार में हुई हत्या

चार अफसरों पर गिरी गाज, दो मामले दर्ज, शासन ने नए अधिकारियों के हवाले किया जिला जेल
  • जेल सुपरिटेंडेंट एसपी त्रिपाठी और जेलर महेंद्र पाल को शुक्रवार की देर रात ही निलबिंत कर दिया गया था
  • शनिवार को शासन ने जेल में तैनात दो अन्य अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है
  • हेड जेलवार्डर संजय खरे व हरिशंकर राम को भी ड्यूटी में लापरवाही को दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है
  • मेराज अली के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को देर रात को शव सौंप दिया गया है
  • मुकीम काला और अंशू दीक्षित के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है
चित्रकूट जिला जेल में शुक्रवार को गैंगवार में हुई हत्या और गोलीबारी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार सख्त है। जेल सुपरिटेंडेंट एसपी त्रिपाठी और जेलर महेंद्र पाल को शुक्रवार की देर रात ही निलबिंत कर दिया गया था। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शासनादेश जारी कर दोनों अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलबिंत कर दिया था। एसपी त्रिपाठी को डॉ संपूर्णानंद प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। अब शनिवार को शासन ने जेल में तैनात दो अन्य अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है। हेड जेलवार्डर संजय खरे व हरिशंकर राम को भी ड्यूटी में लापरवाही को दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। 

दो FIR दर्ज हुईं
कुख्यात बदमाश अंशू दीक्षित की गोली का शिकार बने मेराज अली के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को देर रात को शव सौंप दिया गया है। चित्रकूट के एसपी ने बताया कि अब तक मुकीम काला और अंशू दीक्षित के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है। आज उनका पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। चित्रकूट जिला जेल में गैंगवार के मामले में दो FIR दर्ज कराई गई हैं। पहला मुकदमा जेल अधीक्षक ने गैंगवार के आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया है। दूसरा मामला सदर कोतवाल ने एनकाउंटर को लेकर कराया है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा गठित एक टीम पहले ही इस गैंगवार और गोलीबारी कांड की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जेल के अंदर अंशू दीक्षित को अवैध असलहा किसने उपलब्ध कराया? इसका पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण है। 

नए अफसरों को मिली जिम्मेदारी
चित्रकूट जिला जेल में हुए गैंगवार के बाद चार अफसरों की छुट्टी कर दी गई है। उनके स्थान पर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अशोक कुमार सागर को जिला कारागार चित्रकूट का अधीक्षक तैनात किया गया है। फिलहाल वह कासगंज में तैनात थे। सीपी त्रिपाठी को चित्रकूट का जिला जेल में कारापाल के पद पर तैनाती दी गई है। इस वक्त वह जिला कारागार अयोध्या में तैनात हैं। संजीव त्रिपाठी को उप महानिरीक्षक कारागार के पद पर प्रयागराज और अयोध्या परिक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शैलेंद्र कुमार मैत्रेय को उप महानिरीक्षक कारागार मुख्यालय लखनऊ परिक्षेत्र का प्रभार सौंपा गया है।

मुकीम की गिरफ्तारी ग्रेटर नोएडा में हुई थी
मुकीम काला को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने वर्ष 2015 में पकड़ा था। तब से वह जेल में था। उसे पहले सहारनपुर फिर महाराजगंज और इन दिनों चित्रकूट जेल में रखा गया था। मूलरूप से कैराना का रहने वाला मुकीम काला ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा को शरणस्थली बना लिया था। शरण पाने के लिए उसने जिले के दो बड़े गैंगस्टर अनिल दुजाना और रणदीप भाटी से दोस्ती गांठ रखी थी। यूपी एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक अनिल के कहने पर उसने हरेन्द्र नाम के एक प्रापर्टी डीलर की हत्या अपने गुर्गे से करवाई थी। कुछ समय बाद यही मुकीम काला जब रिठौरी गांव से निकल कर भाग रहा था तो एसटीएफ के हाथों पकड़ा गया था। तब अनिल दुजाना और रणदीप भाटी के बीच दरार पड़ गई। इस दरार का कारण था कि रिठौरी गांव में वह रणदीप के घर पर था। जब वह पकड़ा गया तो अनिल का शक हुआ कि रणदीप ने ही मुकीम को पकड़वाने में एसटीएफ की मदद की है।

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