चीफ सेक्रेटरी ने डीएम से कहा- प्रोजेक्ट में कोई देरी नहीं होने दें

रेलवे फ्रेट कॉरीडोर: चीफ सेक्रेटरी ने डीएम से कहा- प्रोजेक्ट में कोई देरी नहीं होने दें

चीफ सेक्रेटरी ने डीएम से कहा- प्रोजेक्ट में कोई देरी नहीं होने दें

Tricity Today | बैठक करते मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी

चीफ सेक्रेटरी ने डीएम से कहा- प्रोजेक्ट में कोई देरी नहीं होने दें Eastern and Western Freight Corridor: देश के दोनों औद्योगिक रेलवे गलियारे उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रहे हैं। पूर्वी (कोलकाता से अमृतसर तक) और पश्चिमी (दादरी से मुंबई तक) माल ढुलाई कॉरिडोर से जुड़े मामलों पर सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की। राज्य सरकार के अफसरों के अलावा 9 जिलों के डीएम बैठक में शामिल हुए। चीफ सेक्रेटरी ने कहा, "दोनों फ्रेट कॉरिडोर से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण में प्रक्रियात्मक विलम्ब न हो।"

अदालत में लंबित मामलों का जल्दी निस्तारण करवाएं
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों को निर्धारित समय सारिणी के अनुसार निस्तारित किया जाये ताकि निर्माण कार्य टाइम लाइन के अनुसार पूरे किये जा सकें। प्रोजेक्ट के पूरा होने में किसी भी प्रकार का विलम्ब न हो। जमीन से जुड़े जो प्रकरण न्यायालयों में विचाराधीन हैं और उनके कारण विलम्ब हो रहा है, ऐसे मामलों की प्रभावी पैरवी करके शीघ्र निस्तारित करवाएं।



यूपी में 56 आरओबी बनाए जाने हैं, 17 बनकर तैयार
इस बैठक का संचालन करते हुए लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि कॉरीडोर के लिए 56 आरओबी बनाये जाने हैं। जिनमें से 17 का निर्माण पूरा हो गया है और 39 पर कार्य चल रहा है। भूमि अधिग्रहण के 19 इश्यूज हैं, जिनके समाधान पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग के आलावा राहत आयुक्त, गौतमबुद्ध नगर, प्रयागराज, चन्दौली, मीरजापुर, कानपुर देहात, सहारनपुर, मेरठ, इटावा और औरेय्या के जिलाधिकारी शामिल हुए। यहां उल्लेखनीय है कि ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का 1,058 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजर रहा है।

आखिरी चेतावनी दी
पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Eastern Dedicated Freight Corridor) परियोजना में रोड़ा अटका रहे 10 किसानों को गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने अंतिम नोटिस और चेतावनी दी है। प्रशासन की तरफ से रविवार को आखिरी नोटिस जारी हुआ है। प्रशासन अगले 3 दिन इस पर जवाब का इंतजार करेगा। अगर फ्रेट कॉरिडोर मे बाधा बन रहे 10 किसानों ने बुधवार तक मुआवजे की प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो जिला प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। दादरी के एसडीएम आलोक कुमार ने इस बारे में जानकारी दी।

95 फीसदी काम पूरा हुआ
इस खुर्जा-दादरी खण्ड का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष 5 प्रतिशत कार्य किसानों द्वारा भूमि उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण पूर्ण नहीं हो पा रहा है। खुर्जा दादरी खण्ड की परियोजना पर भारत सरकार द्वारा लगभग 1500 करोड का निवेश किया जा रहा है। इसमें कुछ हिस्सा गौतमबुद्ध नगर की दादरी तहसील के ग्राम चमरावली बोडाकी से होकर गुजरता है। इस ग्राम में परियोजना से प्रभावित लगभग 80 प्रतिशत काश्तकारों ने परियोजना के हित में सहयोग करते हुये सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय से मुआवजा प्राप्त कर लिया गया है। 

10 किसान अटका रहे रोड़ा
बचे काश्तकार कुलदीप, प्रवीन पुत्रगण गंगाराम, गजराज पुत्र टेकराम साहब सिंह पुत्र प्रताप सिंह, किरनपाल पुत्र खजान सिंह, रामपाल पुत्र फूला, विजयपाल पुत्र मागेंराम, पवन कुमार पुत्र राजवीर, राजवीर पुत्र खचेडू ने अब तक सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय में मुआवजा प्राप्त करने लिये अभी तक कोई भी दावा या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है। पूर्व में घोषित अभिनिर्णय की धनराशि सक्षम प्राधिकारी के खाते में रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जमा करा दी जा चुकी है। शेष बचे काश्तकारों से बार-बार जिला प्रशासन द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत कर मुआवजा प्राप्त करने के लिये अनुरोध किया जा रहा है। 
 

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