UP Budget 2021 : यूपी का पूरा बजट एक साथ, देखिए किसके हिस्से में क्या आया

यूपी का पूरा बजट एक साथ, देखिए किसके हिस्से में क्या आया

Tricity Today | UP Budget 2021

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पेश किया गया बजट 2021-22 एक लोक कल्याणकारी, विकासोन्मुख और सर्व समावेशी बजट है। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की उत्कृष्ट लोकतांत्रिक भावना से परिपूर्ण है। यह बजट वैश्विक महामारी कोरोना के मध्य देश के सबसे बड़े राज्य को नई आशा, नई ऊर्जा देने के साथ ही, प्रदेश की नयी सम्भावनाओं को उड़ान देने का माध्यम बनेगा। इस बजट में हर घर को नल, बिजली, हर गांव में सड़क की व्यवस्था और उसे डिजिटल बनाने तथा हर खेत को पानी एवं हर हाथ को काम देने का संकल्प निहित है। 

उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और समाज के प्रत्येक तबके का प्रतिनिधित्व करने वाला बजट है। यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की भावना के अनुरूप है। रोजगार की व्यवस्था, सभी वर्गाें के उत्थान का इरादा, वंचितों, शोषितों और युवाओं के सुन्दर भविष्य की रूपरेखा और प्रदेश के नवनिर्माण की संरचना इस बजट में निहित है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान सभा में राज्य सरकार के वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद विधान भवन स्थित तिलक हाॅल में मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे। उत्तर प्रदेश को पेपरलेस बजट प्रस्तुत करने वाला देश का पहला राज्य होने पर उन्होंने वित्त मंत्री और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज ही प्रदेश में पहली बार ई-कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। बजट से पूर्व हुई कैबिनेट की बैठक पहली ई-कैबिनेट थी।

कितने का बजट है
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट 05 लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का है। राज्य सरकार ने कोरोना काल में भी वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए आधारभूत संरचना के विकास के साथ ही लोक कल्याण के लिए कदम उठाये है। विगत वर्ष कोविड-19 से आमजन जीवन के साथ ही अर्थव्यवस्था भी व्यापक रूप से प्रभावित हुई। लक्ष्य के अनुरूप राजस्व की प्राप्तियां सम्भव नहीं हुईं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफआरबीएम की सीमा का पालन किया है।

औद्योगिक विकास के लिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का वर्ष 2017-18 में पहला बजट किसानों को समर्पित था। वर्ष 2018-19 का दूसरा बजट औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए था। वर्ष 2019-20 का बजट महिलाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में उनके प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन के लिए था। वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट का केन्द्र बिन्दु प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास द्वारा प्रदेश के विभिन्न वर्गाें का ‘स्वावलम्बन से सशक्तीकरण’ है।

प्रस्तुत बजट के माध्यम से प्रदेश में ईज आॅफ लिविंग के लिए हर घर को पानी, बिजली, हर गांव को सड़क तथा डिजिटल बनाने के साथ ही राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा प्रारम्भ की गयी है। कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को विस्तार दिया गया है। इस योजना के तहत अब किसान के साथ-साथ उसके परिवार का कमाऊ सदस्य, बटाईदार आदि को भी सम्मिलित किया गया है। दुर्घटना से मृत्यु की स्थिति में 05 लाख रुपये बीमा की व्यवस्था की गयी है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना से कवर न होने वाले किसान परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 05 लाख रुपये के निःशुल्क चिकित्सा बीमा कवर की व्यवस्था की गयी है।

महिलाओं के लिए
बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए नयी योजनाएं प्रारम्भ की गयी हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को नया आयाम दिया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आच्छादन बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तुत बजट में एक नयी योजना मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत 06 माह से 05 वर्ष के चिन्हित कुपोषित बच्चों तथा एनीमिया ग्रस्त 14 वर्ष तक की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला दुग्ध उत्पादकों के स्वयं सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने के लिए महिला सामथ्र्य योजना भी प्रस्तावित की गयी है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

छात्रों के लिए
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना प्रारम्भ की गयी है। योजना के अन्तर्गत फिजिकली और वर्चुअली निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। इस योजना के अन्तर्गत 18 मण्डल मुख्यालयों पर 10 लाख से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। प्रदेश में यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अन्य राज्यों में भी प्रतियोगी परीक्षार्थियों द्वारा इसकी डिमाण्ड की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत पात्र श्रेणी के परीक्षार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव बजट में किया गया है।

प्रदेश में कुल 18 मण्डल हैं। जिन मण्डलों में सैनिक स्कूल नहीं हैं, उन मण्डलों में सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को गुरुकुल पद्धति के अनुरूप निःशुल्क छात्रावास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। युवाओं को खेल-कूद के बेहतर अवसर सुलभ कराने के लिए ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपेन जिम के निर्माण हेतु धनराशि की व्यवस्था प्रस्तुत बजट में प्रस्तावित है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन मण्डलों में राज्य विश्वविद्यालय नहीं हैं, वहां राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के 59 जनपदों में राजकीय अथवा निजी मेडिकल काॅलेज स्थापित हैं। मेडिकल काॅलेजों से असेवित 16 जनपदों में पीपीपी मोड पर मेडिकल काॅलेज की स्थापना की जाएगी। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यन्त सुदृढ़ हो जाएंगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना काल खण्ड में संगठित औरर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए निःशुल्क राशन, भरण पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया। श्रमिकों के आवागमन के लिए भी सुविधा सुलभ करायी गयी। श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुलभ कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना करायी जा रही है। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें खेतों में काम करने वाले श्रमिकों सहित पल्लेदार, कुली आदि बड़ी संख्या में श्रमिक सम्मिलित हैं। असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना तथा चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना प्रारम्भ करने के लिए धनराशि का प्रस्ताव किया गया है।

गौवंश के लिए
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण और निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए संचालित गो आश्रय स्थलों में 05 लाख 58 हजार गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री निराश्रित और बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत 74,000 से अधिक गोवंश इच्छुक गोपालकों की सुपुर्दगी में दिये गये हैं। प्रस्तुत बजट में सभी न्याय पंचायतों मंे गो आश्रय स्थलों की स्थापना तथा इन्हें स्थानीय एवं स्वैच्छिक संगठनांे की सहभागिता से संचालित करने का प्रस्ताव किया गया है। वाराणसी के गोकुल ग्राम की तर्ज पर शहरों में भी गो संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। व्यापारियों के कल्याण के लिए संचालित मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत प्रति लाभार्थी को देय धनराशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन तथा टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ किया जाएगा। नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ वाॅयरोलाॅजी, पुणे की तर्ज पर लखनऊ में एक संस्थान बनाया जाएगा, जिससे भविष्य में कोरोना जैसे वायरस पर नियंत्रण के लिए प्रभावी प्रयास किये जा सकें। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में स्थापित किये जा रहे अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ हेतु बजट में धनराशि का प्रस्ताव है। प्रधानमंत्री स्वस्थ भारत योजना के अन्तर्गत एसजीपीजीआई लखनऊ में लेवल-3 के बायो सेफ्टी लैब की स्थापना की जाएगी। बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र तथा आर्सेनिक, फ्लोराइड की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तुत बजट में 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि प्राविधानित की गयी है। प्रदेश के 10 नगर स्मार्ट सिटी मिशन और 60 शहर अमृत योजना से आच्छादित हैं। शहरी क्षेत्रों में नागरिकों के जीवन में व्यापक सुधार के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है।

डाटा सेण्टर पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग’ में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले 3 वर्षाें में इस रैंकिंग में प्रदेश पूरे देश में द्वितीय स्थान पर आ गया है। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान इसके प्रबन्धन के साथ ही औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी कार्य हुआ। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश आया है। जनपद गौतम बुद्ध नगर में डिस्प्ले यूनिट की स्थापना हो रही है। यह संयंत्र चीन से प्रदेश में आया है। डाटा सेण्टर पार्क की स्थापना से बड़ी मात्रा में निवेश हो रहा है। फर्नीचर और हाउस होल्ड में दुनिया की प्रख्यात कम्पनी आइकिया द्वारा प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है। कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति को निरन्तर बनाये रखने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। फाॅरेन्सिक साइंस में आवश्यक विशेषज्ञता और प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और फाॅरेन्सिक साइंस इंस्टीट्यूट की स्थापना की गयी है। सभी 18 रेन्ज में फाॅरेन्सिक लैब स्थापित करने जा रहे हैं। हर जनपद में साइबर थाना बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया गया है। 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम का क्षेत्र रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। बंद पड़ी कताई मिलों की परिसम्पत्तियों को पुनर्जीवित कर पीपीपी मोड पर औद्योगिक पार्क, आस्थान, क्लस्टर स्थापित करने के लिए धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत धनराशि की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है। प्रदेश के शिक्षित युवा बेरोजगारों को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित करने के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए 1,000 दिनों तक लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।

एयर कनेक्टिविटी पर जोर
राज्य में एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में किसी भी अन्य राज्य से अधिक कार्य किया गया है। जनपद अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा, अयोध्या के निर्माण के लिए बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। जेवर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट में हवाई पट्टियों की संख्या 02 से बढ़ाकर 06 करने के लिए धनराशि प्रस्तावित है। यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित होगा। 

श्रद्धालु और पर्यटक के लिए
प्रयागराज कुम्भ-2019 में स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के कारण 24 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक इसमें सम्मिलित हुए। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी, नैमिष, विन्ध्यवासिनी धाम, चित्रकूट आदि का पर्यटन विकास कराये जाने की योजना है। अयोध्या को दुनिया के नये टूरिस्ट सेण्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के माध्यम से ईको व हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। बजट में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति के लिए भी व्यवस्था है। जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के लिए बजट धनराशि प्रस्तावित है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, वित्त राज्यमंत्री संदीप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव वित्त एस राधा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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