BIG BREAKING: योगी आदित्यनाथ ने कोरोना मरीजों को दी बड़ी राहत, ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पर रोक नहीं

योगी आदित्यनाथ ने कोरोना मरीजों को दी बड़ी राहत, ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पर रोक नहीं

Tricity Today | UP CM Yogi Adityanath

  • होम आइसोलेशन में अपना इलाज कर रहे लोगों को ऑक्सीजन के बिना सांस लेना दूभर हो रहा है
  • जिन मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल पा रहा है, उन्हें भी परिवार के लोग जैसे-तैसे ऑक्सीजन देकर संभाले हुए हैं
  • ऐसे में पिछले चार-पांच दिनों से राज्य में ऑक्सीजन रिफलिंग पर कड़ी पाबंदी लगा दी गई थी
  • इन्हीं हालात पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह रियायत दी है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है। सीएम ने सभी जिला प्रशासन और पुलिस को आदेश दिया है कि अगर कोई परिजन अपने मरीज के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर रिफिल करवाने जा रहा है तो उसे परेशान न किया जाए। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को अपना आचरण सुधारने का आदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस महामारी के दौर में हमारा आचरण ही हमारी पहचान बनेगा। अगर हम लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो किसी हद तक उनकी परेशानियों को कम करने में सफलता मिलेगी। 

आपको बता दें कि इस वक्त उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन क्राइसिस का दौर चल रहा है। होम आइसोलेशन में अपना इलाज कर रहे लोगों को ऑक्सीजन के बिना सांस लेना दूभर हो रहा है। दूसरी ओर जिन मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल पा रहा है, उन्हें भी परिवार के लोग जैसे-तैसे ऑक्सीजन देकर संभाले हुए हैं। ऐसे में पिछले चार-पांच दिनों से राज्य में ऑक्सीजन रिफलिंग पर कड़ी पाबंदी लगा दी गई थी। जिससे बड़ी लोगों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इन्हीं हालात पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह रियायत दी है।

'ट्रिपल टी फार्मूला' पर काम करने से सुधर रहे हैं हालात 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हमें इसी प्रकार 'टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट' की नीति को प्रभावी ढंग से लागू रखना होगा। यह बहुत जरूरी है कि प्रदेशवासी कोविड बिहेवियर को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। विगत 24 घंटों में प्रदेश में कोविड के 30,317 नए केस आए, इसी अवधि में जबकि 38,826 लोग उपचारित होकर स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में संक्रमण कम हो रहा है जबकि रिकवरी बेहतर हो रही है। 24 घंटों में प्रदेश में 2,66,326 कोविड टेस्ट हुए हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में 4.10 करोड़ टेस्ट हो चुके हैं। यह देश के सभी राज्यों से अधिक है।"

18 वर्ष से बड़ी आयु के लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारंभ
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, "इसी के साथ-साथ प्रदेश में 2,500 केंद्रों पर 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण पूर्ववत जारी है। आज 1 मई से प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोविड टीकाकरण प्रारंभ हो गया है। नए टीकाकरण सॉफ्टवेयर के ट्रायल के दृष्टिगत अधिक संक्रमण दर वाले सात जनपदों में 85 केंद्रों पर 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण किया जा रहा है। कोविड से लड़ाई में टीकाकरण अहम है। देश में सर्वाधिक टीकाकरण उत्तर प्रदेश में हुआ है। निःशुल्क टीकाकरण की घोषणा करने वाला उत्तर प्रदेश प्रथम राज्य है।"

रेमडेसिविर की मांग, आपूर्ति और वितरण प्रक्रिया सुधरेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम सभी नागरिकों के वैक्सीनेशन के लिए नियोजित तरीके से कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में रेमडेसिविर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिदिन 50,000 वॉयल का नया आवंटन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री इस जीवनरक्षक दवा (रेमडेसिविर) की मांग और आपूर्ति के वितरण की स्वयं मॉनिटरिंग करें। मांग, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होनी चाहिए।"

लखनऊ के आरएमएल अस्पताल में 100 कोविड बेड बढ़ाए जाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "लखनऊ के आरएमएल अस्पताल में 100 कोविड बेड बढ़ाए जाएंगे। केजीएमयू में जल्द ही 150 बेड कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। कैंसर हॉस्पिटल और डीआरडीओ द्वारा तैयार विशेष हॉस्पिटल भी शीघ्र क्रियाशील हो जाएंगे। मरीज के परिजनों के साथ उत्तम व्यवहार किया जाए। हमारा सहयोगपूर्ण रवैया परिजन के लिए इस आपदाकाल में बड़ा सम्बल होगा। यदि कोई व्यक्ति किसी मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की रीफिलिंग के लिए जा रहा है, तो उसके साथ यथासंभव सहयोग किया जाए। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। जामनगर (गुजरात) दुर्गापुर, बरजोरा (पश्चिम बंगाल) राउरकेला से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा रही है। निजी अस्पतालों को सीधे भी आपूर्ति कराई जा रही। आगरा में आज नया ऑक्सीजन प्लांट प्रारंभ हो रहा है।"

चीनी मिलों और क्रशर में ऑक्सीजन बनाने पर विचार करें
योगी ने कहा, "झांसी में एक क्रशर यूनिट ने ऑक्सीजन उत्पादन शुरू किया है। चीनी मिलों में थोड़े तकनीकी सहयोग से ऑक्सीजन उत्पादन किया जा सकता है, इस संबंध में विशेषज्ञों की मदद लेते हुए कार्यवाही की जाए। आईआईटी कानपुर सहित अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित कर नाइट्रोजन को ऑक्सीजन में कन्वर्ट करने की संभावनाओं को तलाशा जाए।"

कंटेनमेंट जोन और साप्ताहिक बंदी का कड़ाई से पालन हो
मुख्यमंत्री ने कहा, "कंटेनमेंट जोन को प्रभावी बनाएं। साप्ताहिक 3 दिवसीय बंदी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारु हो। इसके लिए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाई जाए। गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर रोगियों के इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। इन्हें जरूरत पड़ने पर तत्काल एम्बुलेंस उपलब्ध हो एवं चिकित्सकीय सहायता तुरंत मिले। पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष प्रयास की जरूरत है। गृह विभाग और स्वास्थ्य विभाग के परस्पर समन्वय से पुलिस लाइन में आवश्यक प्रबंध किए जाएं।"

पुलिस लाइनों में कोविड सहायता केंद्रों और आइसोलेशन वॉर्ड
उन्होंने कहा, "प्रत्येक पुलिस लाइन में कोविड सहायता केंद्रों व आइसोलेशन वॉर्ड की सुविधा होनी चाहिए। होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 के जरिए इन लोगों से हर दिन संवाद बनाया जाए। तय प्रोटोकॉल के अनुरूप इन्हें दवाओं की मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। योगी आदित्यनाथ ने आज श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिक व कामगार जनों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में श्रमिक, कामगार भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं व उनके लिए 2 नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की।"

देश की प्रगति में श्रमिक भाइयों-बहनों का बड़ा योगदान है। राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने की नींव श्रमिक जन ही हैं। हमारा यह संवाद कोरोना की विभीषिका के बीच हो रहा है। बड़ी-बड़ी शक्तियां इससे पस्त हो चुकी हैं। कोविड महामारी की पहली लहर में श्रमिकों के जीवन और जीविका दोनों को संरक्षित करने का प्रयास किया गया। इसमें श्रमिक भाइयों ने हमें पूरा सहयोग दिया। सरकार ने सभी को भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया। सभी को राशन उपलब्ध कराया गया। 

महामारी की पहली लहर में श्रमिकों के जीवन और जीविका दोनों को संरक्षित करने का प्रयास किया गया। सरकार ने सभी को भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया, सभी को राशन उपलब्ध कराया। यह धनराशि आपके खून-पसीने की कमाई ही थी, गाढ़े वक्त में आपको ही समर्पित किया गया। इसी प्रकार सभी को 5 लाख रुपये तक तक स्वास्थ्य बीमा कवर देने की भी योजना शुरू की जा रही है। अब आपको इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बीमा की राशि आपके इलाज में उपयोगी होगी।

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