नरेंद्र मोदी ने समझाया हवाई अड्डे का अर्थशास्त्र, गिनाए ये 20 बड़े फायदे

जेवर एयरपोर्ट शिलान्यास : नरेंद्र मोदी ने समझाया हवाई अड्डे का अर्थशास्त्र, गिनाए ये 20 बड़े फायदे

नरेंद्र मोदी ने समझाया हवाई अड्डे का अर्थशास्त्र, गिनाए ये 20 बड़े फायदे

Tricity Today | नरेंद्र मोदी ने समझाया हवाई अड्डे का अर्थशास्त्र

नरेंद्र मोदी ने समझाया हवाई अड्डे का अर्थशास्त्र, गिनाए ये 20 बड़े फायदे Jewar Airport News : जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) का गुरुवार की दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शिलान्यास कर दिया। इसके साथ ही करीब 20 वर्षों पुराना यह सपना साकार हो गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मौजूद बड़े जनसमूह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस हवाईअड्डे का अर्थशास्त्र आम आदमी को समझाया। आधा घंटा से ज्यादा वक्त तक प्रधानमंत्री एयरपोर्ट के फायदे गिनाते रहे। नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट से होने वाले 20 फायदे गिनाए।

'अब रेल, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और बुलेट ट्रेन यहां आएंगी'
नरेंद्र मोदी ने कहा, "सभी को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमि पूजन की बहुत-बहुत बधाई। आज इस एयरपोर्ट के भूमि पूजन के साथ ही दाऊजी मेले के लिए प्रसिद्ध जेवर अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर अंकित हो गया है। जिसका बहुत बड़ा लाभ दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के करोड़ों लोगों को होगा। मैं इसके लिए आप सभी को और पूरे देश को बधाई देता हूं।" पीएम ने आगे कहा, "21वीं सदी का नया भारत आज एक से बढ़कर एक बेहतरीन आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। बेहतर सड़कें, बेहतर रेल नेटवर्क, बेहतर एयरपोर्ट हैं। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ही नहीं होते बल्कि यह पूरे क्षेत्र का कायाकल्प कर देते हैं। लोगों का जीवन पूरी तरह बदल देते हैं। गरीब हो या मध्यम वर्ग, किसान हो या व्यापारी मजदूर हों या उद्यमी, हर किसी को इसका बहुत लाभ मिलता है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की ताकत से कनेक्टिविटी मिलती है।"

'जेवर से हर तरफ सुपरफास्ट कनेक्टिविटी होगी'
नरेंद्र मोदी ने कहा, "नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी एक बेहतरीन मॉडल बनेगा। जहां आने-जाने के लिए टैक्सी से लेकर मेट्रो और रेल कनेक्टिविटी होगी। एयरपोर्ट से निकलते ही आप सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर आ सकते हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक जा सकते हैं। यूपी-दिल्ली और हरियाणा कहीं भी जाना है तो थोड़ी सी देर में पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकते हैं। अब तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से भी तैयार होने वाला है। यहां से देश में चारों ओर पहुंचना आसान हो जाएगा। यही नहीं यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी हो गई है।

'हर साल 15 हजार करोड़ रुपये एयरपोर्ट बचाएगा'
पीएम ने जनसभा को बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तरी भारत का लॉजिस्टिक गेटवे बनेगा। इस पूरे क्षेत्र को नेशनल गति शक्ति मास्टर प्लान का एक सशक्त प्रतिबिंब बनाएगा। आज देश में तेजी से एविएशन सेक्टर में वृद्धि हो रही है। भारतीय कंपनियां सैकड़ों नए विमान खरीद रही हैं। उसके लिए भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बहुत बड़ी भूमिका होगी। यह एयरपोर्ट विमानों के रखरखाव रिपेयर और ऑपरेशन का भी देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा। यहां 40 एकड़ में मेंटेनेंस रिपेयर एमआरओ सुविधा विकसित होगी। यह हब देश-विदेश के विमानों को सर्विस देगा। पीएम बोले, "अब कल्पना कीजिए आज भी हम अपने 85% विमानों को एमआरओ सेवा के लिए विदेश भेजते हैं। इस काम के पीछे हर वर्ष 15,000 करोड रुपए खर्च होते हैं। अंदाजा लगाइए की केवल 30 हजार करोड़ रुपये में यह पूरा प्रोजेक्ट बनने वाला है। सिर्फ रिपेयरिंग के लिए हर साल 15,000 करोड़ रुपये बाहर जा रहे हैं। इस पैसे का अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों को जाता है। अब यह एयरपोर्ट सिटी को भी बदलने में मदद करेगा।"

'किसान, उद्यमी, कलाकार और मजदूरों को बड़ा लाभ होगा'
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस एयरपोर्ट के माध्यम से पहली बार देश में इंटीग्रेटेड मल्टी  मॉडल कार्गो विकसित होंगे। इससे पूरे देश को नई गति मिलेगी। एक नई उड़ान मिलेगी। हम सभी यह जानते हैं कि जिन राज्यों की सीमा समुंदर से सटी होती है, उनके लिए बंदरगाहों की बहुत बड़ी ताकत विकास में काम आती है। लेकिन यूपी जैसे लैंडलॉक राज्यों के लिए यही भूमिका एयरपोर्ट की होती है। अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, मेरठ, आगरा, मुरादाबाद और बरेली समेत अनेकों उद्योग क्षेत्र हैं। यहां सर्विस सेक्टर और कपड़ा इकोसिस्टम है। एग्रीकल्चर सेक्टर में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम हिस्सेदारी है। अब इन क्षेत्रों का सामर्थ्य बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस पूरे इलाके को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से सीधे कनेक्ट करेगा। अब यहां पर किसान साथी और विशेष रूप से छोटे किसान फल, सब्जी और मछली जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज को सीधे एक्सपोर्ट कर पाएंगे। हमारे खुर्जा क्षेत्र के कलाकार, मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, सहारनपुर का फर्नीचर, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, आगरा का फुटवियर और पेठा विदेशों तक जाएगा। पश्चिमी यूपी के सामान को विदेशी मार्केट तक पहुंचने में अब और आसानी होगी।" 

'देश का बड़ा टूरिज्म केंद्र बनकर उभरेगा उत्तर प्रदेश'
नरेंद्र मोदी ने जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा, "क्षेत्र में एयरपोर्ट के आने से परिवर्तन का एक ऐसा चक्र शुरू होता है, जो चारों दिशाओं को लाभ पहुंचाता है। हवाईअड्डे के निर्माण के दौरान रोजगार के हजारों अवसर बनते हैं। हवाई अड्डे को सुचारू रूप से चलाने के लिए हजारों लोगों की आवश्यकता होती है। पश्चिमी यूपी के हजारों लोगों को एयरपोर्ट नए रोजगार देगा। राजधानी के पास होने से पहले ऐसे क्षेत्रों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नहीं जोड़ा गया। माना जाता था कि दिल्ली में एयरपोर्ट सुविधा है। हमने सोच को बदला। इसके लिए हमने हिंडन एयरपोर्ट को यात्री सेवाओं के लिए चालू किया। इसी प्रकार हिसार में भी एयरपोर्ट पर के तेजी से काम चल रहा है।" पीएम ने आगे कहा, "जब एयर कनेक्टिविटी बढ़ती है तो टूरिज्म भी फलता फूलता है। हम सभी ने देखा है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा हो या फिर केदारनाथ यात्रा हो, हेलीकॉप्टर सेवा से जुड़ने के बाद वहां श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। पश्चिमी यूपी के प्रसिद्ध टूरिस्ट और आस्था से जुड़े बड़े केंद्रों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यही काम करने वाला है।"

'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा है यूपी'
नरेंद्र मोदी बोले, "आजादी के इतने दशक बाद उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता मिली है। जिसका वह हमेशा से हकदार रहा है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश, देश के सबसे कनेक्टेड क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है। यहां पश्चिमी यूपी में लाखों-करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट तेजी से चल रहे हैं। रैपिड रेल कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, पूर्वी और पश्चिमी समंदर से यूपी को जोड़ने वाले डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी की नई पहचान बन रहे हैं। आजादी के इतने सालों तक तो उत्तर प्रदेश को ताने सुनने के लिए मजबूर कर दिया गया था। कभी गरीबी के ताने, कभी जात-पात की राजनीति के ताने, कभी हजारों करोड़ के घोटालों के ताने, कभी खराब सड़कों के ताने, कभी उद्योगों के अभाव, कभी थप्पड़ विकास के ताने, अपराधी माफिया और राजनीति के गठजोड़ के ताने यूपी ने सहे हैं। यूपी के कोटि कोटि सामर्थ्यवान लोगों का यही सवाल था कि क्या वाकई कभी यूपी की एक सकारात्मक छवि बन पाएगी? पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश को अभाव और अंधकार में बनाए रखा। पहले की सरकारों ने उत्तर प्रदेश को हमेशा झूठे सपने दिखाए। आज वही उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ रहा है।

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