एयरपोर्ट को जमीन देने वाले किसानों का पीएम मोदी ने जाना हाल, बजरंगबली की मूर्ति के बारे में पूछा तो सब हुए हैरान

Jewar Airport : एयरपोर्ट को जमीन देने वाले किसानों का पीएम मोदी ने जाना हाल, बजरंगबली की मूर्ति के बारे में पूछा तो सब हुए हैरान

एयरपोर्ट को जमीन देने वाले किसानों का पीएम मोदी ने जाना हाल, बजरंगबली की मूर्ति के बारे में पूछा तो सब हुए हैरान

Tricity Today | रोही गांव के बजरंगबली और पीएम मोदी

एयरपोर्ट को जमीन देने वाले किसानों का पीएम मोदी ने जाना हाल, बजरंगबली की मूर्ति के बारे में पूछा तो सब हुए हैरान Noida News : गौतमबुद्ध नगर में जेवर कस्बे के पास एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। यह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी होगा। जिसके लिए हजारों किसानों ने अपनी जमीन दी है और 5 गांव विस्थापित हुए हैं। अभी इसका नाम नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (Noida International Airport) है। जिन किसानों ने अपनी जमीन दी है, वह किस हाल में हैं? यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हासिल की है। दरअसल, प्रधानमंत्री ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Yamuna Authority) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ.अरुणवीर सिंह से कई जानकारी हासिल कीं। आपको बता दें कि यमुना अथॉरिटी ने ही जमीन अधिग्रहण की है और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की नींव डाली है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों के विस्थापन की प्रक्रिया पर सीईओ से बात की। सीईओ तब हैरान रह गए जब गांव में मौजूद बजरंग बली की मूर्ति के बारे में प्रधानमंत्री ने जानकारी ली। दरअसल, बीते शनिवार को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस हुई। जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश सरकार के तमाम अफसर, केंद्र सरकार के अफसर और यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह शामिल हुए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने यह जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।



रोही गांव से 20 साल पुरानी 24 फुट ऊंची मूर्ति विस्थापित हुई
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1,334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई है। जिन गांवों की जमीन ली गई है, वहां से किसानों को जेवर बांगर में बसाई जा रही अत्याधुनिक टाउनशिप में बसाया गया है। प्रभावित गांव में मुख्य रूप से रोही गांव शामिल है। इस गांव में करीब 20 साल से एक 24 फुट ऊंची बजरंग बली की प्रतिमा स्थापित थी। जेवर एयरपोर्ट के लिए हुए विस्थापन के चलते मंदिर और इस प्रतिमा को भी विस्थापित किया गया है। मूर्ति के विस्थापन का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था। इस 24 फुट ऊंची बजरंग बली की प्रतिमा को विस्थापित किसान अपने साथ बांगर टाउनशिप में ले गए हैं। टाउनशिप के बगल में मौजूद बनवारीलाल के बाग में हनुमान जी की विशाल प्रतिमा को क्रेन से ले जाया गया था। वहां पूजा-पाठ और हवन के साथ बजरंग बली की प्रतिमा की एक बार फिर प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई है।

प्रधानमंत्री ने प्रभावित गांवों के नाम लिए और हालचाल पूछा
देश में पांच हजार रुपये करोड़ से ज्यादा लागत वाले प्रोजेक्टस को गति देने के लिए "मिशन गति शक्ति" का शुभांरभ बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट पर चर्चा की। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए जिन गांवों की जमीन ली गई है, उनके नाम भी पीएम नरेंद्र मोदी को याद थे। बजरंग बली की विशाल प्रतिमा के बारे में जानकारी लेते वक्त रोही गांव का उन्होंने जिक्र किया। इस दौरान ज्यादा ऑक्सिजन देने वाले 195 पेड़ों को शिफ्ट करने की जानकारी पीएम मोदी को दी गई है।

जेवर बांगर टाउनशिप की बदलेगी तस्वीर
पीएम नरेंद्र मोदी के किसानों से जुड़ी विस्थापन प्रक्रिया सहित ढेरों जानकारी लेने के बाद यमुना अथॉरिटी इस टाउनशिप में सुविधाएं बढ़ाने में जुट गई है। वहां पांच एमएलडी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ कूड़ा निस्तारण सयंत्र भी लगाया जा रहा है। सार्वजनिक शौचालय सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ाने का काम नवंबर से शुरू हो जाएगा।



इन गांवों के परिवार भी होंगे शिफ्ट
किशोरपुर के 46 परिवार शिफ्ट किए जाने हैं। नगरा शरीफ के 553, नगरा छीतर के 692 और दयानतपुर खेड़ा के 223 परिवार विस्थापित होंगे। ये सभी दयानतपुर गांव के मजरे हैं। इसके अलावा रोही गांव के मजरे नगला गणेशी, नगला फूल खां व रोही के परिवार विस्थापित होंगे। इनमें 1146 परिवार हैं। इन परिवारों को करीब 45 एकड़ के भूखंड दिए जाएंगे। यमुना प्राधिकरण इन परिवारों को बसाने के लिए भूखंड विकसित करेगा। किशोरपुर गांव के परिवारों को बसाने के लिए भूखंड विकसित करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। 

ये सुविधाएं दी जाएंगी
जेवर बांगर में इन परिवारों को बसाया जाएगा। यहां पर सेक्टरों की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। सड़क, नाली, सीवर लाइन, सामुदायिक केंद्र, स्कूल, अस्पताल आदि बनाए जाएंगे।  यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया, जेवर एयरपोर्ट परियोजना के परिवारों को बसाने के लिए यमुना प्राधिकरण भूखंड विकसित करेगा। किशोरपुर गांव के लिए भूखंड विकसित करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं।

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