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बेटियों की सुरक्षा के लिए नहीं होगा अनशन खत्म : स्वाति मालीवाल

Mayank Tawer

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप के बाद भारतीय नारी की सुरक्षा के लिए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (33) का अनशन राजघाट पर शनिवार को 9 वां दिन हो गया है। स्वाति मालीवाल का कहना है की जो व्यक्ति 12 साल से कम उम्र के बच्चों से साथ दुष्कर्म करेगा उसे 6 महीने के भीतर फांसी की सजा होनी चाहिए। 

दरअसल, POCSO एक्ट के संशोधन पर केंद्र सरकार ने पहली बार कोई कदम उठाया है, लेकिन अभी तक कोई आपराधिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए स्वाति मालीवाल नए कानून के लागू होने तक अपना अनशन खत्म नहीं करेंगी। 

मालीवाल ने कहा, हमारे देश में कानून बहुत बने हुए है लेकिन उस पर कार्य नहीं किया जाता, सुबह प्रधानमंत्री को खत लिखकर इस बात को कहा। उन्होंने बोला की, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बढ़ेंगे तो अच्छा होगा।

स्वाति मालीवाल ने बताया की महिला के साथ दुष्कर्म कही न कही पुलिस की भी कमी है। दिल्ली में 10 सालों से 66 हजार पुलिसकर्मियों की कमी है, लेकिन इस बात पर कोई ध्यान नहीं देता, अधिकतर देखा जाता है की दिल्ली के सुमशाम जगहों पर पुलिस गायब रहती है। 

उन्होंने कहा, जब तक अध्यादेश नहीं आता और पुलिसकर्मी बढ़ाने का योजना केंद्र सरकार नहीं लाती, तब तक यह अनशन ख़त्म नहीं होगा। स्वाति मालीवाल ने पीएम मोदी से अपील की, हमारी मांग देश की बेटियां सुरक्षित रहें। 

मालीवाल ने कहा कि बहुत लोग अनशन ख़त्म करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन जब यहां बैठती हूं तो देश के दूर दूर राज्यों से लोग आते है। हमारी मांग 12 साल से कम उम्र के बच्चों से साथ दुष्कर्म करने वाले पर फांसी की सजा है। अगर ऐसा होता है तो में इस आंदोलन को सफल मानूंगी, इस देश में सैकड़ों कानून हैं लेकिन उन्हें लागू करने का अभाव है। ऐसे में इन कानूनों का कोई अर्थ नहीं रह जाता है और जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी तब तक में इस अनशन से नहीं उठूंगी।

इन 9 दिनों में स्वाति मालीवाल का वजन लगभग 7 किलो कम हुआ है, लेकिन उनको जज्बा कम नहीं है। उन्होंने कहा है की लोग और मंत्री मेरी हालत देखकर बोलते है की अनशन तोड़ दो लेकिन में देश के लोगो को धोखा नहीं देना चहाती।  वहीं शनिवार को स्वाति मालीवाल के अनशन का समर्थन करने पूर्व जेएनयू वाइस प्रेजिडेंट शहला राशिद पहुंचीं, इसके अलावा गुरमेहर कौर ने भी मंच पर स्वाति का समर्थन कर रही हैं।