Ghaziabad News: पश्चिम बंगाल से लाई गई 18 महिलाएं बरामद, जांच में बड़ी जानकारी हाथ लगी

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो



पश्चिमी बंगाल से घरों में साफ-सफाई के लिए लाई गई 18 महिलाओं को बंधक बनाकर रखने का मामला प्रकाश में आया है। दिल्ली की एनजीओ की शिकायत पर लोनी कोतवाली पुलिस ने बुधवार सुबह कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को बंधक मुक्त कराया है। इनमें करीब आधा दर्जन महिलाओं के पति भी उनके साथ हैं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच कर रही है। 

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही सच्चाई का पता चलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लोनी एसएचओ ओम प्रकाश सिंंह ने बताया कि दिल्ली की एनजीओ महिला मुक्ति फाउंडेशन संस्था को जानकारी मिली कि लोनी के अशोक विहार में पश्चिमी बंगाल से लाई गई करीब 18 महिलाओं को बंधक बनाकर रखा गया है। महिलाओं को घरों में कामकाज के बहाने से नौकरी दिलवाने के लिए लाया गया था। करीब 6 महिलाओं के पति भी उनके साथ हैं। 

उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत एनजीओ के पदाधिकारियों द्वारा पुलिस से की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस में हरकत में आ गई और एनजीओ के पदाधिकारियों के साथ बताए हुए स्थान पर बुधवार सुबह करीब 7 बजे छापेमारी की कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान अशोक विहार के एक मकान से पश्चिमी बंगाल से लाई गई 18 महिलाएं मिली। 6 महिलाओं के पति भी उनके साथ थे। उन्होंने बताया कि अशोक विहार निवासी संतोष कुमार को हिरासत में ले लिया गया है। संतोष कुमार पर पश्चिमी बंगाल से महिलाओं को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाकर बंधक बनाने का आरोप है। पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। महिलाओं के साथ-साथ उनके पति की भी बयान लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही संतोष कुमार से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है। इसके बाद सच्चाई का पता चलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं आसपास के क्षेत्रों में चर्चा है कि लोनी पुलिस ने अशोक विहार से जिन 18 महिलाओं को बरामद किया है। वह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है। हालांकि इस संबंध में पुलिस को ऐसा कोई अभी तक सबूत नहीं मिला है। जिससे मामला मानव तस्करी से जुड़ सके। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल की जा रही है।

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