डीएमआईसी से प्रभावित किसानों का ऐलान- मांगें नहीं मानी गईं तो आरपार की लड़ाई होगी

Tricity Today |



दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) से प्रभावित किसानों ने नए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के लाभ की मांग की है। किसानों ने लाभ नहीं देने पर आर-पार के आंदोलन की चेतावनी दी। गुरुवार को परियोजना से जुड़ी जनसुनवाई करने के लिए टीम चिटहेरा और कठेड़ा गांव में गई थी। किसानों ने अफसरों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा है।

दिल्ली- मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) परियोजना के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में चिटेहरा और कठेडा आदि गांवों में सामाजिक प्रभाव का आकलन (SIA) की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए गुरुवार को जन-सुनवाई चिटेहरा के प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में हुई। सभी किसानों ने एक सुर में कहा कि जमीन चाहे रजिस्ट्री या अधिग्रहण के माध्यम से ली जाए लेकिन मुआवजा बाजार दर का चार गुना, 20% विकसित प्लॉट और सभी बालिग बच्चों को रोजगार दिया जाए। किसानों ने गांवों का विकास तय मानकों के अनुसार किए जाने की मांग की है। किसानों ने जिला प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। 

किसानों ने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने उनका शोषण किया है। डीएमआईसी परियोजना के लिए प्राधिकरण ने जिन किसानों की जमीन बैनामों से ली थी, उनसे वादा किया था कि भविष्य में उन्हें नए कानून का लाभ भी दिया जाएगा, लेकिन अब उनके साथ वादा खिलाफी की जा रही है। केवल अधिग्रहण से प्रभावित किसानों से ही सामाजिक प्रभाव का आकलन (SIA) के फॉर्म भरवाए गए हैं। जबकि रजिस्ट्री के समय किए गए वादे के अनुसार उनके फॉर्म नहीं भरवाए गए हैं। यह उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय है। किसान चुप बैठने वाले नहीं हैं।

गुरुवार को चिटेहरा, कटेहरा, पल्ला, पाली और बोड़की आदि गांवों के किसानों ने सर्व सम्मति से फैसला लिया है कि सभी गांवों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें बाजार दर का चार गुना मुआवजा, 20% प्लॉट, प्रत्येक बालिग बच्चे को रोजगार, गांवों के भूमिहीन परिवारों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया तो आर-पार का आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर किसानों ने दादरी के एसडीएम को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम का ज्ञापन सौंपा है।

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