BIG BREAKING: यूपी में सभी यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं रद्द, केवल इन छात्रों को एग्जाम देना होगा

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन के अनुरूप राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार गुरुवार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कोरोना के चलते राज्य विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। जिन विश्वविद्यालयों ने परीक्षा करवाकर परिणाम जारी कर दिए हैं, वह यथावत रहेंगे।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी को देखते हुए लगभग सभी विश्वविद्यालयों ने अपनी परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। अब लॉकडाउन तो खुला लेकिन परीक्षाओं का आयोजन नहीं करवाया जा सका। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 15 दिन पहले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। इस समिति को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह परीक्षा आयोजित करने या नहीं करने पर अपनी सिफारिशें दें। समिति की ओर से सिफारिश उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी जा चुकी हैं। 

अब इसी बीच पिछले सप्ताह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने गाइडलाइन जारी की है। जिसमें यूजीसी ने कहा है कि अगर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं का आयोजन नहीं करवाया गया तो वह अवैध मानी जाएंगी। इसके बाद स्थिति असमंजस में पड़ गई। अब यूजीसी की नई गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसी तरह परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा। 

सरकार के आदेश में कहा गया है कि अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं का आयोजन करवाया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों को अपने स्तर पर व्यवस्थाएं करनी होंगी। कुछ परीक्षाएं विश्वविद्यालयों ने लॉकडाउन से पूर्व करा ली हैं, उनके अंक अंतिम परिणाम में सम्मिलित होंगे। पूर्व परीक्षा के आधार पर छात्रों को अगले सेमेस्टर और वर्ष में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा ऑफलाइन और ऑनलाइन के जरिए मिश्रित व्यवस्था के तहत 30 सितंबर तक कराने के निर्देश दिए हैं।

15 अक्टूबर तक ग्रेजुएट और 31 अक्टूबर तक पोस्टग्रेजुएट का रिजल्ट आएगा

उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर तक स्नातक अंतिम वर्ष और 31 अक्टूबर तक स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। सरकार की ओर से स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है। प्रमुख सचिव ने कहा कि अब बाकी परीक्षाओं और नई कक्षाओं में प्रवेश को लेकर किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति शेष नहीं रह गई है। सभी विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए आदेशों पर आगे बढ़ते हुए परीक्षाओं का आयोजन कराना है। परिणामों की घोषणा करनी है। नई कक्षाओं में दाखिले करने हैं।

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