BIG NEWS: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के 5 प्राइवेट अस्पताल सरकार ने COVID-19 मरीजों के लिए अधिग्रहीत किए

Tricity Today | प्रतीकात्मक फोटो



गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में लगातार कोरोना वायरस से पीड़ित और संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। ऐसे में राज्य सरकार और प्रशासन ने जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रेटर नोएडा के दो बड़े मेडिकल कॉलेजों के अस्पताल और गाजियाबाद में एक अस्पताल कोरोना वायरस के उपचार में मदद करेगा। इसके लिए सरकार जरूरी आदेश जारी कर दिए हैं।

शारदा अस्पताल प्रबंधन, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ रजनीश दुबे के बीच दो दिन पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई थी। इसके बाद शारदा हॉस्पिटल प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि कोरोना वायरस COVID-19 की रोकथाम और उपचार के लिए 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जायेगा। साथ ही मेडिकल टीम के लिए एक अलग क्वाराइंटाइन वार्ड बनाया जाएगा। जिसमें रहकर मरीजों का बेहतर ढंग से उपचार कर सकें। 

शारदा अस्पताल के प्रवक्ता अजित सिंह ने बताया कि शारदा विश्वविद्यालय में हर तरह की जांच उपलब्ध होगी। उसके लिए शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रिंसिपल, डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, सहायक स्टाफ और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी काम में लगे हुए हैं। शारदा हॉस्पिटल 920 बेड का आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हॉस्पिटल है। 

मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभाग का रोस्टर तैयार करने को कहा गया है, जो देश के इस मुसीबत के समय में बढ़ चढ़कर कार्य कर सकें। नर्सिंग स्टाफ और एलायड हैल्थ के भी सभी फैकल्टी स्टाफ को उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है। इस कार्य की स्वयं शारदा हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष निरंजन निगरानी करेंगे।

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर नोएडा इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज में क्वारंटाइन वार्ड बनाया जाएगा। वहां अभी 500 बेड का अस्पताल चल रहा है। उनमें से 200 बेड पर कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था की जा रही है। अभी हमारे पास 300 बेड का क्वारंटाइन वार्ड नोएडा के नए जिला अस्पताल में है। 200 बेड का क्वारंटाइन वार्ड गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में हैं। शारदा मेडिकल कॉलेज और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में 200-200 बेड और मिल जाएंगे। जिसके बाद 900 बेड की सुविधा तैयार है। इसके अलावा नोएडा शहर में दो प्राइवेट अस्पतालों का अधिग्रहण किया जा चुका है।

दूसरी ओर गाजियाबाद जिला प्रशासन ने संतोष मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया है। इस अस्पताल में एक साथ 150 से ज्यादा संदिग्ध मरीजों को रखा जा सकेगा। इसके साथ ही एमएमजी अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में बेड की संख्या को दो गुना किया जाएगा। इस वायरस से संदिग्ध मरीजों का आंकड़ा लगातार  बढ़ रहा है। संदिग्ध लोगों को जांच के साथ 14 दिनों तक क्वारंटाइन किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के पास कोई बड़ा स्थान नहीं है। 

पिछले दिनों शासन की ओर से भी पूछा गया था कि शहर में किसी ऐसे स्थान की व्यवस्था की जाए जहां बड़ी संख्या में संदिग्ध मरीजों को क्वारंटाइन किया सके। उसके बाद से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ऐसे स्थान की तलाश में थे। गुरूवार को बैठक में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर प्रशासन ने पुराना बस अड्डा स्थित संतोष मेडिकल कॉलेज का इस कार्य के लिए अधिग्रहण किया है। इसके साथ ही सभी प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम में भी बेड आरक्षित करने के साथ ही चिकित्सकों से अवकाश पर न जाने के आदेश दिए गए हैं।

गाजियाबाद के सीएमओ डॉ एनके गुप्ता ने बताया कि संतोष मेडिकल कॉलेज में नीचे के तल पर सात बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया गया है। अस्पताल के ऊपरी हिस्से में 150 बेड की व्यवस्था की जा रही है। यहां सभी संदिग्ध मरीजों को 14 दिनों में लिए क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की जा सकेगी।

दूसरी ओर अभी तक एमएमजी जिला अस्पतास में केवल 20 बेड का आसोलेशन वार्ड है। संदिग्ध मरीजों की बढ़ती संख्या के सापेक्ष यह छोटा पड़ रहा है। सीएमओ का कहना है कि अब यहां बेड की संख्या 60 करेंगे।

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