UP: बाइक-स्कूटर पर दो सवारी चलने के लिए मजिस्ट्रेट से लेनी पड़ेगी इजाजत, कुछ और नियम जो आपको जानने चाहिएं

Tricity Today | प्रतीकात्मक फोटो



महामारी से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ सख्त नियम कायदे बनाए हैं। जिन्हें जान लेना यूपी के निवासियों के लिए बेहद जरूरी है। इनमें से एक नियम यह भी है कि अगर आपके पास दो पहिया वाहन है तो उस पर अब दो सवारी नहीं चल सकती हैं। केवल एक व्यक्ति को दो पहिया वाहन का इस्तेमाल करना होगा। अगर अपरिहार्य परिस्थितियों में दो व्यक्तियों का एक दुपहिया वाहन पर जाना जरूरी है तो उन्हें इसके लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी होगी।

उत्तर प्रदेश में अब चेहरा ढके बिना निकलने वालों पर 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना पुलिस लगाएगी आपको हाथों हाथ जुर्माना भरना पड़ेगा नहीं तो जेल भी जाना पड़ सकता है। यह आदेश शासन की ओर से दिए गए हैं। मास्क या किसी कपड़े से चेहरा नहीं ढकने वाले व्यक्ति पर पहली बार में 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर दूसरी बार भी वहीं व्यक्ति बिना चेहरा ढके मिलता है तो दूसरी बार में 250 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। तीसरी बार में यह जुर्माना राशि बढ़कर 500 रुपये हो जाएगी। यह व्यवस्था शुक्रवार से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कर दी गई है।

बाइक और स्कूटर जैसे दो पहिया वाहनों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब दुपहिया वाहन पर दो लोग सवारी नहीं कर सकते हैं। अगर दो लोग सवारी करते पाए गए तो उन्हें जुर्माना देना होगा। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-144 के उल्लंघन का मुकदमा भी दर्ज कर सकती है। इतना ही नहीं दो पहिया वाहन पर सवार व्यक्ति ने अगर हेलमेट के साथ-साथ मास्क नहीं पहना है तो जुर्माना भरना पड़ेगा। अगर अपरिहार्य परिस्थितियों में दुपहिया वाहन पर दो लोगों को यात्रा करनी है तो इसके लिए पहले मजिस्ट्रेट को कारण बताकर संतुष्ट करना होगा। मजिस्ट्रेट बाकायदा अनुमति पत्र जारी करेंगे तभी दुपहिया वाहन पर दो व्यक्ति यात्रा कर सकते हैं।

अगर एक बाइक पर बिना अनुमति के दो व्यक्ति बैठे पाए जाते हैं तो पहली बार में 250 रुपये, दूसरी बार में 500 रुपये और तीसरी बार में 1000 रुपये जुर्माना लगेगा। चौथी बार पकड़े जाने पर ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसी तरह पान मसाला या गुटखा चबाकर सड़कों पर थूकना अब कानूनन जुर्म है। ऐसे लोगों पर ₹1000 का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं सोशल डिस्टेंशिंग को खतरा पहुंचाने के आरोप में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

यह सारे नियम शुक्रवार को शासनादेश के जरिए पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किए जा चुके हैं। जिनका सख्ती से पालन करने का आदेश जिला प्रशासन और पुलिस को दिया गया है। इतना ही नहीं शासन ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को छूट दी है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग, लॉकडाउन और सीलिंग को लागू करवाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी कुछ कड़े नियम-कायदे बना सकते हैं। जिनका उस जिले के निवासियों को पालन करना होगा।

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