Mauni Amavasya 2023 :  हजारों श्रद्धालुओं ने गढ़मुक्तेश्वर गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, जानिए मौनी अमावस्या का महत्व

Tricity Today | भक्तों ने मौन व्रत रखा और भारी संख्या में स्नान करने के लिए पहुंचे



Mauni Amavasya 2023/Hapur : हापुड़ में गढ़मुक्तेश्वर इलाके में मौनी अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ दान-पुण्य किया। शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली प्रांतों के श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान आरंभ किया। ठंड के बावजूद भी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ स्नान किया। स्नान के बाद गंगा तट पर पुरोहितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। मंदिरों में पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। वहीं, काफी भक्तों ने मौन व्रत रखकर गंगा ब्रजघाट के साथ ही गांव लठीरा और पुष्पावती पूठ के कच्चे घाटों पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचे। तट पर पूजा अर्चना की है।

मौनी अमावस्या का महत्व क्या है
मौनी अमावस्या के व्रत में मौन धारण करने का विशेष महत्व बताया जाता है। शास्त्रों के अनुसार मुंह से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है, उससे कहीं गुना ज्यादा पुण्य मौन रहकर जाप करने से मिलता है। अगर दान से पहले सवा घंटे तक मौन रख लिया जाए तो दान का फल 16 गुना अधिक बढ़ जाता है और मौन धारण कर व्रत का समापन करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालुओं को गहरे जल में जाने से रोका
गंगा सभा आरती समिति के पदाधिकारी कपिल नागर और पंडित मनोज तिवारी समेत अन्य लोग लाउडस्पीकर के माध्यम से स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को गहरे जल में न जाने व प्रशासन की जारी की गई गाइडलाइन का पालन करने के लिए अपील करते रहे। गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए। गंगा तट पर पुलिस कर्मी लगातार गश्त  कर रहे थे। संदिग्ध लोगों पर निगाह रखी जा रही थी।

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