कोरोना टीके पर यूपी में राजनीति : मायावती ने‍ स्‍वागत किया, अखिलेश ने फिर किया विरोध

Tricity Today | मायावती ने‍ स्‍वागत किया, अखिलेश ने फिर किया विरोध



कोरोना वायरस टीके को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरम है। बहुजन समाज पार्टी की अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के टीके को लेकर रविवार को सकारात्‍मक प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। मायावती ने ट्वीट कर संक्रमण से बचाव के लिए स्‍वदेशी टीके का स्‍वागत किया और इसके लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी है। मायावती ने साथ ही केंद्र सरकार से देश में सभी स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के साथ-साथ समाज के अति गरीब लोगों के लिए भी इस टीके की निशुल्क व्‍यवस्‍था करने का भी अनुरोध किया है।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने रविवार को ट्वीट किया, ''यह गर्व की बात है कि जिन दो वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दी गई है, वे दोनों मेड इन इंडिया हैं। यह आत्‍मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए हमारे वैज्ञानिक समुदाय की इच्‍छा शक्ति को दर्शाता है। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सुबह ट्वीट किया, ''कोरोना का टीकाकरण एक संवेदनशील प्रक्रिया है, इसीलिए भाजपा सरकार इसे कोई सजावटी-दिखावटी इवेंट न समझे और पुख्‍ता इंतज़ामों के बाद ही इसे शुरू करे। ये लोगों के जीवन से जुड़ा विषय है अत: इसमें बाद में सुधार का खतरा नहीं उठाया जा सकता है। गरीबों के टीकाकरण की निश्चित तारीख घोषित हो।"

इस पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। भाजपा के प्रदेश उपाध्‍यक्ष व विधान परिषद सदस्‍य विजय बहादुर पाठक ने अखिलेश यादव के ट्वीट को टैग करते हुए कहा, ''बंद कमरे में सियासत करने से बातें देर से समझ आ रही, थोड़ा बाहर निकलें, जनता के बीच जाएं।" पाठक ने कहा, '' वैक्‍सीन का विषय लोगों के जीवन का विषय है, पार्टी का नहीं। इसे पार्टियों के खांचे में न बांट, स्‍वागत करें।" इसके पहले अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा था, ''हम भाजपा की राजनीतिक वैक्‍सीन नहीं लगवाएंगे।" अखिलेश यादव ने शनिवार को कोरोना वायरस के टीके को लेकर नई बहस शुरू कर दी। जिसके जवाब में भाजपा संगठन और सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए अखिलेश के बयान को देश के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का अपमान बताया।

शनिवार को यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ''मैं तो नहीं लगवाऊंगा अभी टीका, मैंने अपनी बात कह दी। वह भी भाजपा लगायेगी, उसका भरोसा करूं मैं। अरे जाओ भई, अपनी सरकार आयेगी तो सबको फ्री वैक्सीन लगेगी। हम भाजपा का टीका नहीं लगवा सकते।" इसके बाद अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुये प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को टीके पर भरोसा नहीं है और यह देश के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का अपमान है। उन्होंने कहा, ''अखिलेश यादव जी को टीके पर भरोसा नहीं है और उत्तर प्रदेश वासियों को उन पर (अखिलेश यादव) पर भरोसा नहीं है। उनका टीके पर सवाल उठाना, हमारे देश के चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों का अपमान है जिसके लिए उन्हें माफी माननी चाहिए।"

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