Rampur : नवरीत की आखिरी अरदास में पहुंची प्रियंका ने सरकार को दिखाया आईना, प्रधानमंत्री पर भी रहीं हमलावर

Google Image | Priyanka Gandhi reached Rampur today



कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा आज दिल्ली में ट्रैक्टर हादसे में मारे गए शख्स नवरीत सिंह के परिजनों से रामपुर में मुलाकात की। प्रियंका मृतक के रामपुर में पैतृक गांव डिब डिबाआ पहुंचीं और नवरीत की अंतिम अरदास की रस्म में शरीक हुईं। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाया। 

बताते चलें कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान एक ट्रैक्टर पलटने से नवरीत हादसे का शिकार हो गया था। इसमें उसकी जान चली गई थी। इसके बाद से ही कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार पर हमलावर थे। गुरुवार को रामपुर जाते वक्त कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी प्रियंका के साथ मौजूद रहे। साथ ही सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता और स्थानीय नेताओं का काफिला उनके साथ रहा। कांग्रेस महासचिव ने नवरीत के परिजनों से देर तक बात की और अपनी सहानुभूति जताई।

परिजनों को दिलासा दिलाया
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह नवरीत के परिजनों से कहा कि इस दुख में वे अकेले नहीं हैं। देश का हर नागरिक उनके साथ खड़ा है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह उनके साथ है। उन्होंने आगे कहा “मैं सरदार हरदीप (नवरीत के दादा) से कहना चाहती हूं कि हम उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हम तब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे जब तक सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती।” 

काफिला हादसे का शिकार हो गया था
हालांकि प्रियंका गांधी वाड्रा का काफिला रामपुर जाते हुए रास्ते में हादसे का शिकार हो गया था। पर इस दौरान किसी को चोट नहीं आई। दरअसल प्रिंयका गांधी जिस गाड़ी में बैठीं थी, अचानक उसमें धुआं उठने लगा। इससे ड्राइवर ने फौरन ब्रेक लगा दिया। उनकी गाड़ी तो सही-सलामत बच गई, पर काफिले में पीछे की कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। 

हादसे में प्रियंका गांधी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू समेत किसी कार्यकर्ता को चोट नहीं आई। पर कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इन गाड़ियों को हापुड़ में रोककर दूसरे वाहनों से प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष हापुड़ के लिए रवाना हो गए थे। जानकारी मिलने के बाद हापुड़ पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। 

खुद शीशा साफ करने लगीं
इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा खुद अपनी गाड़ी का शीशा साफ करते दिखाई दीं। हालांकि उन्हें ऐसा करता देखकर प्रदेश अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता तुरंत पहुंच गए और उन्होंने प्रियंका से कपड़ा ले लिया और खुद शीशा साफ करने लगे। पर इससे सब लोग हैरान थे। क्योंकि अमूमन ऐसा देखा नहीं गया है।

सरकार पर हमलावर रहीं
इस दौरान प्रियंका ने मीडिया से बात करते हुए कहा “कृषि से संबंधित तीन नए कानून सरकार वापस नहीं ले रही है। पर उससे भी ज्यादा गलत तो यह है कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करते वक्त शहीद हुए किसानों को आतंकवादी करार दिया जा रहा है। किसानों के आंदोलन को राजनीतिक साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह कोई राजनीतिक नहीं बल्कि सच्चा आंदोलन है।”

उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कटाक्ष करते हुए कहा “जो नेता दुख नहीं सुन सकता वह आखिर किस काम का है। जो भी व्यक्ति आवाज उठाता है उसे एक नाम दे दिया जाता है। मगर यह कभी नहीं कहा जाता कि आप हमारे देश के नागरिक हैं, आइए अपने दिल का दर्द हमें बताइए। जुल्म करना पाप है और उसे सहना उससे भी बड़ा पाप। किसानों को आतंकवादी कहना जुल्म की हद है।”

प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, “लाखों किसान दिल्ली की सीमा पर बैठे हैं। प्रधानमंत्री को उनसे मिलने की फुरसत नहीं है। आखिर आंदोलन स्थल से प्रधानमंत्री का घर कितनी दूर है? पीएम में इतना अहंकार है कि वे अपनी गाड़ी से मिलने नहीं जा सकते। किसानों ने उन्हें सत्ता दी है, फिर भी वह उनसे मिलने नहीं जा रहे।”

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