खुशखबरी : ग्रेटर नोएडा में फिर दौड़ेंगी फरारी, होंगी फॉर्मूला वन रेस, ये है बड़ी अपडेट

ग्रेटर नोएडा में फिर दौड़ेंगी फरारी, होंगी फॉर्मूला वन रेस, ये है बड़ी अपडेट

Google Image | फॉर्मूला वन रेस (File Photo)

फार्मूला वन रेस में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) पर देश का इकलौता फॉर्मूला वन रेसिंग ट्रैक बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (Buddh International Circuit) एक बार फिर शुरू होगा। इस मुद्दे को लेकर जल्दी ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Authority) और बीआईसी का निर्माण करने वाली कंपनी के बीच बातचीत होने जा रही है। पहले केंद्र सरकार और कंपनी के बीच करों से जुड़ा विवाद और फिर कंपनी का बोर्ड भंग हो जाने के कारण सर्किट बंद पड़ा हुआ है। अब जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के चलते सर्किट की प्रासंगिकता बढ़ गई है।

केंद्र और राज्य सरकार दिल्ली से लेकर वाराणसी तक टूरिज्म कोरिडोर का विकास कर रही हैं। जिसके लिए जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई के इर्द-गिर्द ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जो यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें। इनमें ग्रेटर नोएडा का बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट सबसे महत्वपूर्ण है। बड़ी बात यह है कि सर्किट पूरी तरह तैयार है और इसे दोबारा शुरू करने के लिए किसी भी तरह के निवेश की आवश्यकता नहीं है। सर्किट पर तीन एफ वन रेस का आयोजन भी किया जा चुका है। अब यमुना प्राधिकरण इसे दोबारा शुरू करने का विचार कर रहा है। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट काम शुरू होने के साथ ही यमुना प्राधिकरण बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को दोबारा शुरू करने की योजना पर भी काम शुरू करेगा। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह का कहना है कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की महत्वकांक्षी परियोजना है। इसे दोबारा शुरू करने के लिए जल्दी कंपनी के साथ बातचीत की जाएगी।

पांच रेस का करार हुआ लेकिन तीन हो पाईं
जेपी इंफ्राटेक और एफ वन के बीच बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर पांच रेस आयोजित करने का करार हुआ था। यह करार वर्ष 2009 में किया गया था। अक्टूबर 2011 में पहली रेस का आयोजन किया गया। उसके बाद वर्ष 2012 और 2013 में दूसरी और तीसरी रेस हुई थीं। इसके बाद मनोरंजन कर को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया और बाकी 2 रेसों का आयोजन नहीं किया जा सका। यह करार अभी भी लागू है। 5140 मीटर लंबे सर्किट को विश्वविख्यात जर्मन रेस ट्रैक डिजाइनर हरमन टिलके ने डिजाइन किया था। करीब 12 हजार करोड़ रुपये में बने ट्रैक का उद्घाटन 18 अक्टूबर 2011 को किया गया था। लखनऊ से तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इसका शुभारंभ किया था। बीआईसी पर 3 फॉर्मूला वन रेस का आयोजन हुआ। तीनों सेबेस्टियन वेटल और उनकी टीम रेड बुल रेसिंग ने जीती थीं।

शुरू से अब तक लगातार बस विवाद ही विवाद
  1. -बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट की नींव पड़ने के साथ ही विवादों की शुरुआत हो गई थी। सबसे पहले मई 2011 में भट्टा पारसोल आंदोलन की पृष्ठभूमि में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी था। जिसकी वजह से इसकी शुरुआत एक वर्ष देरी से हुई थी।
  2. -पिछले 7 वर्षों से सर्किट बंद पड़ा हुआ है। दरअसल, पहली रेस के साथ ही केंद्र सरकार से टैक्स के मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तीन रेस के बाद एफ वन रेस का आयोजन बंद कर दिया गया था। 
  3. -बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के निर्माण पर 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। जिसे वापस हासिल करने के लिए कंपनी ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लॉन्च किए, लेकिन कंपनी आर्थिक संकट में घिर गई। अंततः निवेशक और फ्लैट खरीदार एनसीएलटी चले गए। मामला अभी कोर्ट में लंबित है।

"बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी महत्वकांक्षी परियोजना और अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले स्थान है। इसे दोबारा शुरू करने के लिए जल्दी ही कंपनी के साथ बातचीत की जाएगी।"
- डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण

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