Ghaziabad: अनियंत्रित कार मसूरी नहर में गिरी, बाप-बेटे की मौत, पुलिस वालों ने जान पर खेलकर महिला को बचाया

Ghaziabad: अनियंत्रित कार मसूरी नहर में गिरी, बाप-बेटे की मौत, पुलिस वालों ने जान पर खेलकर महिला को बचाया

Tricity Today | अनियंत्रित कार मसूरी नहर में गिरी, बाप-बेटे की मौत

गाजियाबाद में विजय नगर के रहने वाले माता-पिता और बेटा हुए हादसे का शिकार gangaमसूरी गंग नहर के किनारे से डिंडोली गांव में दवा लेने जा रहे थे बुजुर्ग दंपत्ति gangaनाहल गांव की झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित हो गई और नहर में जा गिरी

गाजियाबाद के विजयनगर से दवाई लेने नाहल की झाल के रास्ते से जा रहे तेज रफ्तार क्रेटा कार सवार पिता-पुत्र और बुजुर्ग महिला गाड़ी सहित मसूरी के पास गंग नहर में गिर गए। जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई। वहीं, पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया। नहर में कूदकर दो सिपाहियों ने कार सवार वृद्ध महिला की जान बचाई। 

विजयनगर सेक्टर-9 चाणक्य चौक निवासी अमित (35) अपने पिता बाबूराम (60) और माता बर्फी देवी (55) के साथ अपनी क्रेटा कार से शनिवार की सुबह करीब 10 बजे दवाई लेने के लिए डिडौली जा रहे थे। इसी दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर नाहल की झाल में गिर गई। गाड़ी गिरने से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों की मदद से तीनों को नहर से बाहर निकाला। तीनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अमित और पिता बाबूराम की मौत हो गई। हालांकि, महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। 

मरने वाले विजयनगर के चाणक्य चौक पर कृष्ण रेस्तरां चलाते थे। पति-पत्नी गठिया बाय के मरीज हैं और मसूरी के पास कहीं दवाई लेने जा रहे थे। परिवार ने डासना जेल के रास्ते से ग्राम नाहल होते हुए ग्राम डिडौली पहुंचना उचित समझा था। तभी गंग नहर पर अंग्रेजों के जमाने के बने हुए संकरे पुल से गाड़ी नहर में गिर गई। बहाव तेज होने के कारण गंग नहर पुल के नीचे से गाड़ी बहकर कुछ आगे की ओर चली गई। मौके पर लोगों ने घटना को देखा तो लगभग 50 मीटर की दूरी पर बनी नाहल पुलिस चौकी के इंचार्ज अशोक कुमार को सूचित किया।

सूचना पाकर तत्काल चौकी इंचार्ज ने सिपाही नरेंद्र कुमार और अरविंद चौधरी को मौके पर बुलाया। हालांकि, दोनों सिपाही उस वक्त ग्राम नाहल में गश्त पर गए थे। लेकिन वह आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे और कपड़े उतार कर रस्से की मदद से नहर में कूद गए। अशोक कुमार ने अपने साथियों के साथ रस्सा पकड़ा। नरेंद्र कुमार ने सबसे पहले नहर में तेजी से बह रही महिला बर्फी देवी को गंग नहर से बाहर निकाला। उनको सीएचसी डासना भेजा गया। महिला की जान तो बच गई। उसके बाद जांबाज सिपाही नरेंद्र कुमार और अरविंद चौधरी ने बाबूराम यादव और अमित सिपाही को भी पानी के तेज बहाव से संघर्ष करते हुए बाहर तक निकाल लिया, लेकिन पिता-पुत्र की मौत हो चुकी थी। 

थाना प्रभारी उमेश पंवार ने बताया कि चौकी इंचार्ज अशोक की टीम ने जान जोखिम में डालकर महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया है। यह दुर्भाग्य रहा कि रेस्क्यू होने से पहले ही बाबूराम और उनके बेटे अमित की मौत हो चुकी थी। पुलिस केवल बर्फी देवी को बचाने में कामयाब हो पाई है।

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