नोएडा : डीडीआरडब्ल्यूए की शिकायत पर रात में मेघदूतम पार्क पहुंची प्राधिकरण की टीम, लाइट जलती मिलीं

नोएडा | 3 साल पहले | Rakesh Tyagi

Tricity Today | मेघदूतम पार्क पहुंची प्राधिकरण की टीम



Noida : नोएडा डीडीआरडब्ल्यूए (डिस्ट्रिक डेवलपमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) ने प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा। बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने बेशक अपने दायरे के गांव और शहर में 1.03 लाख एलईडी लाइट लगाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है लेकिन शहर के कई बड़े पार्क में अब भी लाइटें नहीं हैं। खंभे गायब हैं और जो पोल खड़े हैं, उन पर लाइटं जलती नहीं हैं। शहर के सेक्टर-50 में स्थित मेघदूतम पार्क का कुछ यही हाल है। यहां के चिल्ड्रन पार्क में लगे खंभों पर पिछले 4 महीने से लाइटं अब तक नहीं लग पाई हैं। कुछ पोल पर एलईडी लाइटें लगी हैं, लेकिन वे जलती नहीं हैं। जबकि कई पोल गायब हैं। इस शिकायत पर प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने तत्काल संज्ञान लिया। मौके पर सारी लाइट जलती पाई गई हैं।

आरोप था कि नहीं सुन रहा विभाग
यहां आसपास रहने वाली सोसायटियों के निवासी रोष जता रहे थे। उनका कहना है कि देश में सबसे ज्यादा लाइट लगाने का रिकॉर्ड बनाने वाले प्राधिकरण के दायरे के पार्कों की हालत बदतर है। आवाज उठाने के बावजूद कोई उनकी सुनवाई करने वाला नहीं है। इसको लेकर शहर की संस्था डीडीआरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण की सीईओ ऋतु महेश्वरी को पत्र लिखा है। डीडीआरडब्ल्यूए (डिस्ट्रिक डेवलपमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) ने कहा है, नियमित शिकायतों के बावजूद सेक्टर-50 में स्थित मेघदूतम पार्क में लाइट की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कई बार हमने संबंधित अभियंता से सुधार के लिए अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। समय के साथ स्थिति बिगड़ती जा रही है। मेंटेनेंस विभाग क्षतिग्रस्त पोल, गायब पोल और काम नहीं कर रहे लाइटों को ठीक करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।’

संस्था ने पार्क में सैर पर निकले कुछ वरिष्ठ नागरिकों से समस्याएं बताने का अनुरोध किया। उनके जवाब का वीडियो भी प्राधिकरण को साक्ष्य के तौर पर भेजा। संस्था का कहना है कि इन तस्वीरों और वीडियो से पार्कों में लाइट की सही स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। शिकायती पत्र में कहा गया है, मेघदूतम पार्क में पैदल मार्ग के किनारे लगे 6 फुट के कई पोल टूट गए हैं। कई पर लाइटें गायब हैं। 10 फुट के खंभों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। उनमें से कई नीचे गिर चुके हैं। उनमें से अधिकांश पर जंग लग चुकी है। अगर उनका रखरखाव नहीं किया गया तो कई टूट जाएंगे। सेक्टर-51 में चिल्ड्रन पार्क में करीब 4 महीने पहले पोल लगवाए गए थे। लेकिन अब तक उन पर लाइटें नहीं लगाई गई हैं। दोनों पार्क में जाने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को अंधेरे की वजह से काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बारिश की वजह से फिसलन का खतरा है।

संस्था की ओर से बताया गया कि वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं कम रोशनी के कारण शाम को पार्क में आने से डरते हैं। मानसून के दौरान दोनों पार्कों में कई बार सांप देखे गए हैं। कम रोशनी या अंधेरे पैच जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। पार्क में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी आते हैं। वे खुले और क्षतिग्रस्त बिजली के पैनल तारों के साथ उलझ जाते हैं। इससे बड़े खतरे की आशंका बनी रहती है। किसी गंभीर हादसे से पहले इसे ठीक करने की आवश्यकता है। संगठन के अध्यक्ष एनपी सिंह और उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी से इन समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की है। उन्होंने संबंधित विभाग को यथाशीघ्र आवश्यक मरम्मत और लाइटें लगाने का आदेश देने का अनुरोध किया है।

मेघदूतम पार्क में सारी लाइट जलती मिली हैं : सीजीएम
यह समाचार ट्राईसिटी टुडे पर प्रकाशित होने के बाद प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने टीम मौके पर भेजी। सोमवार की रात करीब आठ बजे टीम ने मेघदूतम पार्क का दौरा किया। सीजीएम का कहना है कि सारी लाइट जलती मिली हैं। उन्होंने करीब 20 फोटो साझा किए हैं। जिनमें लाइट जल रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे पार्क में सर्वे करवाया गया है। जो समस्याएं हैं, उनका भी जल्दी समाधान किया जाएगा।

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