ग्रेटर नोएडा वेस्ट : मेफेयर रेसीडेंसी के निवासियों का प्रदर्शन जारी, सीएम योगी आदित्यनाथ से बड़ी मांग की

Tricity Today | मेफेयर रेसीडेंसी



Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेकजोन 4 में स्थित मेफेयर रेसीडेंसी (Mayfair Residency) के निवासियों की तकलीफें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। निवासी पिछले 16 हफ्ते से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बिल्डर और प्राधिकरण के खिलाफ रोष जता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा चुके हैं। मगर अब तक कहीं से कोई मदद नहीं मिली है। जबकि बिल्डर की मनमानी बढ़ती जा रही है। आज सुबह हाथों में बैनर -पोस्टर लिए भारी संख्या में निवासियों ने बिल्ड़र के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने, रजिस्ट्री करवाने, ग्रिड लगवाने, अवैध मेंटेनेंस और दूसरे शुल्क हटाने की मांग को लेकर बॉयर्स लंबे वक्त से संघर्ष कर रहे हैं। 

उनका कहना है कि सुपरसिटी डेवलपर ने जो वादे किए थे, पहले उन्हें पूरा करे। उसके बाद मेंटेनेंस शुल्क की मांग करे। सोसाइटी में बिल्डर साफ-सफाई नहीं करवा रहा है। इस वजह से कूड़े का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू, मलेरिया और दूसरे मच्छरों के पैदा होने का खतरा है। निवासी बार-बार आवाज उठाते हैं, पर बिल्डर नहीं सुनता। दो दिन पहले सोसायटी के निर्माणाधीन पार्क में सांप मिलने से सनसनी फैल गई। इससे पहले भी मेफेयर सोसाइटी में सांप मिलने की घटना सामने आ चुकी है। लोगों का कहना है कि बिल्डर मनमानी छोड़ने को तैयार नहीं है। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।

नहीं दिया जवाब
साथ ही निवासी निवासी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ढिलाई को लेकर रोष में है। दरअसल निवासियों ने आरटीआई के जरिए प्राधिकरण से एक जानकारी मांगी थी। लेकिन 30 दिन बीत जाने के बावजूद भी प्राधिकरण ने अब तक उस पर जवाब नहीं दिया है। 4 अगस्त को सोसायटी के एक निवासी ने आरटीआई के जरिए प्राधिकरण से सूचना के लिए आवेदन दिया था। इसके लिए पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया। फीस जमा की गई। लेकिन 26 सितंबर तक प्राधिकरण ने उस आरटीआई पर कोई जवाब नहीं दिया है। निवासियों कहना है कि अथॉरिटी जानबूझकर बिल्डर को बचाने के लिए जवाब देने से कतरा रही है। 

दबाव बना रहा बिल्डर
निवासियों पर दबाव बनाने के लिए बिल्डर और सुपर सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड मनमाने तरीके अपना रहे हैं। निवासियों से कहा गया है कि वे अपने रिस्क पर मेफेयर रेसिडेंसी में रह रहे हैं। बिल्डर ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिले बगैर यहां पजेशन देने के लिए तैयार नहीं है। निवासियों को जो भी सुविधाएं मिली हैं, वे उससे संतुष्ट हैं। सोसाइटी के निवासी किसी भी कंज्यूमर कोर्ट, रेरा, पुलिस, प्राधिकरण, कोर्ट या किसी अन्य संबंधित संस्था में कम सुविधाएं मिलने और रजिस्ट्रेशन नहीं होने संबंधी कोई शिकायत नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर भी निवासियों में रोष है।

डेवलपर कर रहा परेशान
निवासियों का कहना है कि प्रशासन मामले में सुस्त है, जबकि सुपरसिटी डेवलपर्स बिना सुविधाओं के फ्लैट बेच कर खुश है। मेफेयर रेसिडेंसी में करीब 71 परिवारों को पजेशन मिला है और इन सभी फ्लैट्स में अभी भी अस्थाई कनेक्शन है। आए दिन एनपीसीएल बकाए को लेकर सोसाइटी की आपूर्ति भी रोक देता है। सोसाइटी के निवासी प्रतीत ने बताया कि एग्रीमेंट टू सबलीज कराने के बाद भी बिल्डर निवासियों को सुरक्षा नहीं देना चाहता और अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। सोसाइटी में पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। लोग परेशान हैं और बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर हमारा उत्पीड़न कर रहा है। 

जारी रहेगा प्रदर्शन 
सोसाइटी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पानी-बिजली की समस्या रोज की है। जबकि बीमारियों के इस दौर में जगह-जगह जलभराव से खतरा और बढ़ गया है। निवासी स्वयं इसकी सफाई करते हैं। सोसाइटी के बेसमेंट में भी जलभराव होता है। जिससे दीवारें कमजोर हो रही हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद बिल्डर इस पर ध्यान नहीं दे रहा है और येन-केन प्रकारेण निवासियों को उत्पीड़ित कर रहा है। इसीलिए आज सुबह फ्लैट बायर्स ने लगातार 16वें हफ्ते बिल्डर के खिलाफ विरोध जताया है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जातीं, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। बिल्डर हमारे हौसले पस्त नहीं कर सकता।

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