नोएडा-ग्रेनो मेट्रो में एयरपोर्ट सिक्योरिटी के नॉर्म्स लागू, पीएसी ने की मॉक ड्रिल, जानिए अब आपको कैसे सफर करना है

नोएडा | 4 साल पहले | Tricity Reporter

Tricity Today | प्रतीकात्मक फोटो



मौजूदा हालातों में संक्रमण से बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्तर पर नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो में भी सुरक्षा उपायों को नए सिरे से लागू किया गया है। जिसमें सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ग्रेटर नोएडा मेट्रो की सुरक्षा पुख्ता की जाएगी। अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो स्टेशनों और ट्रेन में एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए शुक्रवार को यूपी पीएसी और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मॉक ड्रिल का किया है।

लॉकडाउन-4 दो दिन बाद 31 मई को समाप्त हो जाएगा। इस दौरान काफी हद तक कामकाजी और दैनिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। एक जून से पूरी उम्मीद है कि मेट्रो का संचालन करने के लिए केंद्र सरकार हरी झंडी दे देगी। अब जब कोरोना वायरस के कारण व्याप्त महामारी के बीच मेट्रो का संचालन होगा तो तमाम तरह के बदलाव देखने के लिए मिलेंगे। मसलन, पहले के मुकाबले आधे यात्री अब मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे। यह व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए लागू की जा रही है। अब दो लोगों के बीच एक सीट खाली रहेगी। खड़े होकर यात्रा करने वाले लोगों की संख्या भी घटाई जाएगी। 

स्टेशन में प्रवेश से लेकर यात्रा पूरी करने तक सोशल डिस्टेंशिंग जरूरी

इसी तरह मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश करने, टोकन खरीदने, सिक्योरिटी चेक और प्लेटफार्म पर मेट्रो का इंतजार करने तक के लिए नियम कायदे लागू रहेंगे। यह सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी यूपी पीएसी की ग्रेटर नोएडा स्थित 49वीं बटालियन के हाथों में है। पीएसी की बटालियन और एनएमआरसी ने मिलकर शुक्रवार को नोएडा के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया है।

एयरपोर्ट की तरह होगी यात्रियों की स्कैनिंग और फ्रिस्किंग

इसके बारे में जानकारी देते हुए बटालियन की कमांडेंट कल्पना सक्सेना ने कहा, "अब ग्रेटर नोएडा मेट्रो की सिक्योरिटी लगभग एयरपोर्ट जैसी होगी। सभी मेट्रो स्टेशन पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत लोगों को खड़े होने, टोकन लेने के लिए लाइन में लगने और प्लेटफार्म पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करने के लिए स्थान चिन्हित कर दिए गए हैं। अब जब यात्री सुरक्षा जांच के लिए पीएसी के जवानों के सामने पहुंचेगा तो उसकी जांच हाथ लगाकर नहीं की जाएगी। एक्स-रे मशीन के सामने यात्री को एक ट्रे मिलेगी। बेल्ट, चाबी का गुच्छा और दूसरा छोटा सामान उस ट्रे में रखना होगा। बैगेज और लगेज के साथ ट्रे स्कैन हो जाएगी। व्यक्ति जब मेटल डिटेक्टर से गुजरेगा तो उसे जानकारी दी जाएगी कि वह धातु से बना कोई भी सामान लेकर साथ नहीं गुजरे।" 

अब किसी को छूकर सुरक्षाकर्मी जांच नहीं करेंगे

कल्पना सक्सेना कहती हैं, "अगर किसी व्यक्ति के गुजरने पर मेटल डिटेक्टर बीप की आवाज देता है तो उससे पूछा जाएगा कि उसके पास धातु का क्या सामान है। उसे दोबारा मेटल डिटेक्टर से गुजारा जाएगा। अगर फिर भी बीप की आवाज आती है तो मैनुअल तलाशी ली जाएगी। लेकिन इसके लिए हैंड स्कैनिंग इक्विपमेंट में 2 फुट लंबा अतिरिक्त हत्था लगवाया गया है। उसी के जरिए पीएससी का जवान मैनुअल स्कैनिंग करेगा। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में हड्डी का ऑपरेशन हुआ है और कोई मेटल प्लेट लगी हुई है तो उसकी जांच भी हैंड स्कैनिंग इक्विपमेंट के जरिए कर ली जाएगी।" 

सामान्य से ज्यादा तापमान वाले व्यक्ति को रोककर अलग किया जाएगा

पीएसी कमांडेंट कल्पना सक्सेना ने बताया की अब मेट्रो की यात्रा करने के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन का खास ख्याल रखना पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति अगर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन करते हुए मिलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कमांडेंट ने बताया की स्टेशन में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक यात्री के शारीरिक तापमान की जांच थर्मल स्कैनिंग से होगी। अगर किसी व्यक्ति का तापमान सामान्य से अधिक पाया जाता है तो उसे न केवल मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे अलग ले जाकर स्वास्थ्य विभाग को इत्तला दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया किस तरह होगी इसके बारे में पीएसी के जवानों और अफसरों को प्रशिक्षित कर दिया गया है।

बिना मास्क वालों को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी

कमांडेंट ने कहा, "इसी तरह प्लेटफार्म पर पहुंचने वाले यात्रियों को मेट्रो ट्रेन के आने का इंतजार करने के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना पड़ेगा। प्लेटफॉर्म पर बाकायदा स्थान चिन्हित कर दिए गए हैं। उन्हीं स्थानों पर यात्रियों को खड़े होना पड़ेगा। मेट्रो स्टेशन के भीतर ट्रेन के भीतर और प्लेटफार्म पर कोई भी अनावश्यक वस्तु को छूने की पाबंदी रहेगी। यात्रियों को मास्क और ग्लब्स पहनकर आना होगा। जो लोग मास्क और ग्लब्स पहनकर नहीं आएंगे उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।"

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