मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, गूगल जिओ में 33737 करोड़ रुपए में खरीदेगी 7.7 फीसदी हिस्सेदारी

देश | 4 साल पहले | Anika Gupta

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं एजीएम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने बड़ी घोषणा की हैं। मुकेश अंबानी ने गूगल और जियो डील को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही जियो में गूगल 7.7 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा। मुकेश अंबानी ने अपने निवेशकों को बताया कि उन्होंने इस साल के आखिर तक कंपनी को कर्ज मुक्त करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा 6 महीने में पूरा करके दिखाया है। इस कोरोना वायरस के संक्रमण काल में जब भारी आर्थिक संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है, इस वक्त में भी रिलायंस ग्रुप ने लाखों करोड़ रुपए का निवेश हासिल किया है। मुकेश अंबानी का कहना है कि यह हमारी पारदर्शिता और पेशेवर मेहनत का परिणाम है। निवेशकों को मुकेश अंबानी ने यह भी जानकारी दी कि कंपनी देश में सबसे ज्यादा जीएसटी और इनकम टैक्स भरने वाली कंपनी बन चुकी है।

मुकेश अंबानी ने निवेशकों को बताया कि तीन दिन पहले क्वॉलकाम की ओर से जियो में निवेश की घोषणा की गई थी। पिछले महीने जिओ में फेसबुक ने भी बड़ा निवेश किया है। अब तक जियो में गूगल को मिलाकर कुल 14 निवेशक आ चुके हैं। जिन्होंने करीब 1.50 लाख करोड़ रुपए का निवेश इस कम्पनी में कर दिया है। करीब आधा दर्जन कंपनियों की ओर से रिलायंस इंडस्ट्रीज को रुपया भी मिल चुका है। जिओ को पैसा जारी कर देने वाली कंपनियों में फेसबुक भी शामिल है।

गूगल खरीदेगी जियो में 7.7 परसेंट हिस्सेदारी 

तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए मुकेश अंबानी ने बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की आम सभा में घोषणा कर दी है कि गूगल जिओ में 7.7 फ़ीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा इसकी एवज में कंपनी को 33,737 करोड़ रुपए मिलेंगे। फेसबुक के बाद गूगल ऐसी बड़ी ग्लोबल कंपनी बन गई है, जिसकी जियो में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार होगी। रिलायंस की 43वीं एजीएम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए मुकेश धीरूभाई अंबानी ने कहा, गूगल के साथ स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप की घोषणा की गई है। गूगल के साथ मिलकर 4-जी और 5-जी स्मार्टफोन तैयार किए जाएंगे। ये एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेंगे। दरअसल, इसके पीछे का मकसद रिलायंस इंडस्ट्रीज चीनी मोबाइल निर्माता कंपनियों को भारतीय बाजार में टक्कर देना चाहती है।

आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म में गूगल को मिलाकर अब तक 14 कंपनियां निवेश कर चुकी हैं। जिससे जियो को 1.50 लाख करोड़ रुपए के करीब निवेश मिल चुका है। एक तरह से रिलायंस इंडस्ट्रीज में जियो सबसे बड़ी कंपनी बन गई है साथ ही भारतीय बाजार में भी जियो सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है। एक समय था जब रिलायंस इंडस्ट्रीज का फोकस पेट्रोलियम और केमिकल प्रोडक्ट पर था। पिछले करीब 10 सालों में धीरे-धीरे कंपनी ने अपना फोकस आईटी और कम्युनिकेशन में किया है। जिसके अब जाकर शानदार परिणाम सामने आ रहे हैं।

अब तक 50 लाख लोगों ने डाउनलोड किया जियो मीट
 
मुकेश अंबानी ने अपने निवेशकों, प्रमोटर्स और शेयर होल्डर्स को को संबोधित करते हुए कहा, कोरोना संक्रमण के चलते मौजूदा समय काफी संकटों से भरा है। पूरी उम्मीद है कि भारत इस संकट से जल्द उबर जाएगा। उन्होंने बताया कि जियो मीट के लांच होने के बाद अब तक 50 लाख यूजर्स इसे डाउनलोड कर चुके हैं। इस ऐप को जियो की युवा टीम ने विकसित किया है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो में घरेलू तकनीक से 5-जी सॉल्यूशन विकसित करेंगे। फिर इसे दूसरे देशों में निर्यात किया जाएगा। अंबानी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हुए कहा कि जियो फाइबर से 10 लाख से ज्यादा घर जुड़ चुके हैं। उनके अनुसार जियो ने राइट्स इश्यू और बीपी से 2,12,809 करोड़ रुपए कमा लिए हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर लोगों की निर्भरता बहुत ज्यादा हो गई है। सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म्स को पूरा करने के लिए वीडियो कम्युनिकेशन के क्षेत्र में जियो मीट मील का पत्थर साबित हो सकती है। जिओ मीट भारत में चीनी ऐप ज़ूम का विकल्प बनकर उभरी है।

आरआईएल ने दिया सबसे ज्यादा जीएसटी

मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से सरकार को सबसे ज्यादा जीएसटी दिया गया है। रिलायंस ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों को 69372 करोड़ रुपए बतौर जीएसटी दिए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले वित्त वर्ष में 8 हजार करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स भरा है। मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी लगातार जीएसटी और इनकम टैक्स भरने के मामले में रिकॉर्ड बना रही है। हम सरकार के साथ देश को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं।

कर्जमुक्त होने का वादा पूरा किया

मुकेश अंबानी ने कहा, कोरोना वायरस जैसे संकट के दौर में रिलायंस और जियो दुनिया के दिग्गजों से निवेश जुटाने में सफल हुई हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल ब्रांच जियो प्लेटफॉर्म में कंपनी को 22 अप्रैल से 12 जुलाई तक कुल 25.24 फीसदी की हिस्सेदारी की बिक्री से 1,18,318.45 करोड़ रुपए का निवेश मिला है। इसके अलावा कंपनी ने अपने मौजूदा शेयरधारकों को राइट इश्यू जारी करके 53,124 करोड़ रुपए और जुटाए हैं। जिसकी बदौलत कंपनी को कर्ज मुक्त होने में काफी मदद मिली है। दरअसल, मुकेश अंबानी ने साल के अंत तक कर्जमुक्त होने का वादा किया था। लेकिन कंपनी की ओर से 6 महीने पहले ही टारगेट को पूरा कर लिया गया है। बुधवार को कंपनी की महासभा में मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को यह जानकारी भी दी है। दरअसल, मुकेश अंबानी परंपरागत भारतीय अर्थव्यवस्था पर चलकर गैर कर्जदार कारोबार करने की परिपाटी विकसित करना चाहते हैं।

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