BIG NEWS: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का 4369 करोड़ रुपये का बजट पास, आधा पैसा जमीन खरीदने के लिए खर्च होगा

Tricity Today | ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बोर्ड बैठक



मंगलवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक पहली बार ऑनलाइन हुई बोर्ड ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास प्राधिकरण का बजट पास कर दिया है। इस साल का बजट 4369 करोड़ रुपए का है। बड़ी बात यह है कि इसमें से करीब 50 फ़ीसदी पैसा विकास प्राधिकरण किसानों से जमीन खरीदने पर खर्च करने वाला है। दरअसल, इस साल विकास प्राधिकरण को चार नए औद्योगिक सेक्टर बसाने हैं। जिसका प्रावधान बोर्ड बैठक के सामने रखा गया था। बोर्ड ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण का वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पास हो गया है। मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में पारित बजट के तहत शहर को बेहतर बनाने और विस्तार करने पर 4369 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्राधिकरण गांवों के विकास पर 200 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वहीं, शहरी सेवाओं में 390 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रतिबद्धता दिखाई गई है। बजट का करीब 50 फीसदी पैसा जमीन अधिग्रहण पर खर्च किया जाएगा। 

विकास प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्राधिकरण को इस साल संपत्तियों के आवंटन से सिर्फ 573 करोड़ रुपये की आमदनी का अनुमान है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मंगलवार को पहली बार वीडिया कांफ्रेंसिंग से बोर्ड बैठक हुई है। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन ने लखनऊ से की। बैठक में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण, नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु माहेश्वरी, यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी रविंद्र सिंह शामिल हुए। 

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देर से पारित हुआ बजट

हर साल बजट मार्च-अप्रैल में पास हो जाता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते बजट के महीने देरी पास हुआ है। बैठक में सबसे पहला प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से पास कर कर दिया। बोर्ड ने 4369 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। प्राधिकरण ने बताया है कि इसमें से 2 हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।
ढांचागत विकास पर 888 करोड़ खर्च होंगे।

आधारभूत ढांचे के विकास पर 888 करोड रुपए खर्च होंगे

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण चालू वित्त वर्ष के दौरान शहर के आधारभूत ढांचे के विकास पर 888 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके अलावा पूंजीगत व्यय पर करीब 193 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि इस साल शहरी सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए 390 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इस साल गांवों के विकास पर 200 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। 

गांवों में 67 करोड़ के काम एडवांस में करवाए गए

मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रामीण विकास के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें से 67 करोड़ रुपये के काम शुरू हो चुके हैं। 25 करोड़ रुपये के काम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए। 31 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए एस्टीमेट बन गए हैं। जल्द ही टेंडर जारी होंगे।

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