जेवर विधायक ने शिकायत जल निगम की और जांच यमुना प्राधिकरण की शुरू हो गई

Tricity Today | MLA Dhirendra Singh



जेवर के गांव फलैदा बांगर में सात साल पहले जल निगम द्वारा बनाई गई टंकी और पाइप लाइन में घटिया निर्माण सामग्री की जांच की दिशा घूम गई है। शिकायतकर्ता के पत्र के साथ मुख्यमंत्री को भेजी गई विधायक की सिफारिश के बाद जांच शुरू हो गई है। लेकिन जांच में जल निगम का जिक्र नहीं किया गया है। जांच अब यमुना प्राधिकरण पर आकर टिक गई है। विधायक का कहना है कि उन्होंने जल निगम के कामों की जांच के लिए पत्र लिखा था।

फलैदा बांगर गांव के रहने वाले भोलू शर्मा ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को दिसंबर 2019 में शिकायती पत्र सौंपा था। पत्र में बताया गया था कि गांव में जल निगम ने सात साल पहले लोगों को शुद्ध पानी घर-घर उपलब्ध कराने के लिए गांव में टंकी बनाई थी। आपूर्ति के लिए पानी की  लाइन बिछाई गई थी। पाइप लाइन उखड़ कर टूट गई है। जिससे पानी की सप्लाई शुरू होते ही गांव के रास्तों पर पानी भर जाता है।

इस पत्र के साथ जेवर विधायक ने सीएम को अपनी ओर से पत्र लिखा और इस मामले में कार्रवाई की मांग की। सीएम दफ्तर से मामले की जांच के लिए पत्र मेरठ मंडल आयुक्त के पास भेजा गया। विधायक की ओर से भेजे गए पत्र में जल निगम द्वारा बिछाई गई पाइप लाइन में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी। लेकिन मेरठ मंडल की ओर से डीएम को भेजे गए पत्र गांव के रास्तों में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और पाइप लाइन को ठीक कराने के लिए कहा गया।

मंडलायुक्त के आदेश पर डीएम ने रास्ते और पाइप लाइन की अलग-अलग जांच के लिए जेवर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई है। रास्तों की जांच एसडीएम जेवर और अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी गौतमबुद्धनगर और पाइप लाइन की जांच एसडीएम और अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी बुलंदशहर को सौंपी गई है। इस मामले में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने पानी की टंकी और पाइप लाइन में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग सीएम से की थी। रास्तों की जांच की बात कहां से बीच में आ गई।

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