उपलब्धि : यूपी ने कोरोना काल में 1.96 लाख रोजगार और 9,700 करोड़ निवेश हासिल किया, सतीश महाना ने कहा- यमुना प्राधिकरण अव्वल

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विश्वव्यापी कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से फैली महामारी के बीच उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अब तक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण करीब दो लाख रोजगार के अवसर पैदा कर चुके हैं। 9,700 करोड़ रुपए का निवेश हासिल किया है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान ही 1,000 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है। इनमें सबसे बड़ी उपलब्धि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Authority) ने हासिल की है। लखनऊ में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना (Satish Mahana Minister) ने यह जानकारी दी है। सतीश महाना के साथ औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार और यूपी इन्वेस्ट की मुख्य कार्यपालक अधिकारी नीना शर्मा मौजूद रहीं।

सतीश महाना ने कहा, "वित्तीय वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों ने 1.96 लाख रोजगार के अवसरों की सम्भावना वाली लगभग 9,700 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं के लिए 1000 से अधिक भूखण्डों का आवंटन किया है।” उन्होंने आगे बताया, "मेक-इन-यूपी को प्रोत्साहित करने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे परिधान (अपैरल) पार्क, हस्तशिल्प पार्क, खिलौना पार्क और एमएसएमई पार्क जैसे अनेक औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना है।"

यूपी के उद्योग मंत्री ने कहा, "हेरिटेज सिटी के अतिरिक्त गौतमबुद्ध नगर में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क और 1000 एकड़ में फिल्म सिटी प्रस्तावित है। कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित करके उत्तर प्रदेश सरकार अब तक 43 प्रतिशत् हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का कार्यान्वयन करवाने में सफल हुई है। कोविड-19 के बाद उत्तर प्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख आर्थिक केन्द्र के रूप में उभर रहा है।”

सतीश महान ने बताया, "ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में उत्तर प्रदेश भारत में शिखर से दूसरे स्थान पर है। कोविड-19  कालखण्ड में निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने अनेक आकर्षक नीतियां घोषित कीं हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सुधारों और उठाए गए नये कदमों के सकारात्मक परिणाम मिलने प्रारम्भ हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में बड़े भूमि आवंटन सुधारों से वृहद् निवेश का मार्ग हुआ प्रशस्त हुआ है। कोविड-19 के बाद बदलते हुए बाजार परिदृश्य में राज्य सरकार ने नई परिस्थितियों के अनुरूप कदम उठाए हैं। अब नए सेक्टरों पर फोकस है।” 

सतीश महाना ने बताया कि प्रदेश में निवेश को सुगम बनाने के लिए ‘इन्वेस्ट यूपी’ की स्थापना की गई है। अनेक स्वदेशी और विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजगार के नये अवसरों के सृजन और राज्य के निवासियों की आर्थिक उन्नति की दिशा में राज्य में औद्योगीकरण-जनित विकास के लिए सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। राज्य में निवेश व औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने हाल ही में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जो इस प्रकार हैं।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा अब तक लगभग 9,700 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 1,95,990 की रोजगार सृजन की सम्भावना वाली परियोजनाओं को लगभग 740 एकड़ भूमि (1097 भूखण्ड) आवंटित की गई है। इन निवेश परियोजनाओं में से 7,006 करोड़ रुपये के निवेश और 1,71,683 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए 566 एकड़ (871 भूखण्ड) का आवंटन तो केवल यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ही किया है। इनमें सेक्टर-29 और सेक्टर-33 में अपैरल पार्क (124 भूखण्ड), हस्तशिल्प पार्क (76 भूखण्ड), एमएसएमई पार्क (516 भूखण्ड) और खिलौना (टॉय) पार्क (111 भूखण्ड) के लिए किए गए आवंटन किया गया है।

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 588 करोड़ रुपये के निवेश और 8,441 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए लगभग 52 एकड़ (123 भूखण्ड) आवंटित किए हैं। नोएडा ने 1,341 करोड़ रुपये के निवेश और 14,500 रोजगार की सम्भावना वाली परियोजनाओं के लिए 92 एकड़ (101 भूखण्ड) आवंटित किए हैं।

कुछ प्रमुख निवेशक जिन्हें हाल ही में भूमि आवंटित की गई है, उनमें हीरानंदानी ग्रुप, सूर्या ग्लोबल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमजी कैप्सूल्स, केशो पैकेजिंग, माउंटेन व्यू टेक्नोलॉजीज आदि सम्मिलित हैं। राज्य सरकार ने 40 से अधिक निवेश आशयों को आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की है। जिसमें लगभग 10 देशों, जैसे- जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस), यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, जर्मनी, दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के लगभग 45,000 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्ताव शामिल हैं।

ये हैं उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाली टॉप-10 कम्पनी 

  1. हीरानंदानी ग्रुप द्वारा डाटा सेंटर में 750 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है। 
  2. ब्रिटानिया इण्डस्ट्रीज लिमिटेड ने एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए 300 करोड़ का निवेश कर रही है। 
  3. एसोसिएटेड ब्रिटिश फूड पीएलसी (एबी मौरी) खमीर मैन्यूफैक्चरिंग में 750 करोड़ का निवेश कर रही है। 
  4. डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ कन्ज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन करने के लिए 200 करोड़ रूपये का निवेश कर रही है। 
  5. वॉन वेलेक्स (जर्मनी) ने फुटवियर निर्माण के लिए 300 करोड़ का निवेश किया है। 
  6. सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स ने पीओपीपी, बीओपीईटी, मेटालाइज़्ड फिल्म्स प्रोडक्शन प्लांट में 953 करोड़ का निवेश किया है। 
  7. मैक सॉफ्टवेयर (यूएस) सॉफ्टवेयर विकास में 200 करोड़ रूपये का निवेश कर रही है। 
  8. एकैग्रेटा इंक (कनाडा) खाद्यान्न अवस्थापना उपकरणों में 746 करोड़ का निवेश कर रही है।
  9. एडिसन मोटर्स (दक्षिण कोरिया) इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के लिए 750 करोड़ रूपये का निवेश कर रही है।
  10. याज़ाकी (जापान) वायरिंग हारनेस और कम्पोनेंट्स की निर्माण इकाई लगाने के लिए 2,000 करोड़ रूपये का निवेश कर रही है।

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