BIG NEWS : यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे बसेंगे दो नए शहर, उत्तर प्रदेश सरकार ने दी मंजूरी

Tricity Today | Yamuna Expressway



यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Authority) ने बताया कि दो नए शहर विकसित करेगी। एक शहर वृंदावन में 4,000 हेक्टेयर में फैला होगा और दूसरा आगरा में 2,500 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में इस प्रस्ताव के लिए हरी झंडी दे दी है। प्राधिकरण 165 किलोमीटर लम्बे यमुना एक्सप्रेस वे के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जेवर से आगरा तक एक हेरिटेज कॉरिडोर विकसित करेगा।

सतीश महाना ने शुक्रवार को जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे (Noida International Airport) की स्थिति जानने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुणवीर सिंह ने कहा, “हमने एक्सप्रेस वे के साथ दो नए शहरों को विकसित करने के लिए परियोजना का प्रस्ताव रखा और इसे मंजूरी दी गई। अब हम इस परियोजना पर काम शुरू करेंगे और एक हेरिटेज कॉरिडोर भी विकसित करेंगे।" यमुना प्राधिकरण ने कहा कि जल्द ही दोनों शहरों के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर काम शुरू किया जाएगा।

अरुणवीर सिंह ने कहा, “हम आगे की मंजूरी के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे। हम दोनों शहरों के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू करेंगे और परियोजना को अगले चरण में ले जाएंगे। ये परियोजनाएं वृंदावन और आगरा में आवास की जरूरतों को पूरा करेंगी।” उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 अप्रैल 2001 को यमुना एक्सप्रेस वे के साथ ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच के क्षेत्रों का विकास करने के लिए यमुना प्राधिकरण की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य रोजगार पैदा करना और शहरी क्षेत्रों का विकास करना है।

यमुना प्राधिकरण में छह जिलों के 1,187 गांवों की लगभग 2 लाख हेक्टेयर जमीन समाहित है। वेस्ट यूपी और एनसीआर के जिलों गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा को प्राधिकरण में अधिसूचित किया गया है। प्राधिकरण शहरों के विकास के लिए एक्सप्रेस वे के सहारे कम से कम 25,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने में कामयाब रहा है। अब उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रस्तावित हेरिटेज कॉरिडोर में सांस्कृतिक पर्यटन के तहत सभी पुराने शहरों जैसे दनकौर, मथुरा, वृंदावन और आगरा को बढ़ावा दिया जाए।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला किया है। मथुरा, वृंदावन और आगरा सहित हमारे ऐतिहासिक शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं। हमारी सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी ताकि आगरा में ताजमहल देखने आने वाले पर्यटक भी मथुरा और वृंदावन जा सकें।" यमुना प्राधिकरण के सीईओ ने कहा, "हम थीम पार्क, संग्रहालय और अन्य सुविधाओं का भी निर्माण करेंगे ताकि पर्यटक जेवर हवाई अड्डे से आगरा तक अपनी यात्रा का आनंद लें। सरकार की योजना है कि 2023-24 तक जेवर हवाई अड्डे से मथुरा, आगरा और वृंदावन के लिए वातानुकूलित बसें चलाई जाए।

यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और यहां काम करने वालों को आवासीय सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए दो नए शहर विकसित किए जाएंगे। एक शहर वृंदावन में 4,000 हेक्टेयर में फैला होगा और दूसरा आगरा में 2,500 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। दोनों शहरों के लिए जल्दी ही जमीन अधिग्रहण शुरू किया जाएगा।

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