BIG BREAKING : गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद समेत इन 20 जिलों में अभी लागू रहेगा लॉकडाउन, जानिए कब हटेगा

नोएडा | 3 साल पहले |

Tricity Today | नोएडा में पुलिस बल तैनात



उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के कारण योगी आदित्यनाथ सरकार ने फैसला लिया है कि अब उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन पर ढील दे दी जाए। उत्तर प्रदेश में अब लॉकडाउन को हटाकर नाईट कर्फ्यू को लागू कर दिया है। लेकिन 20 जिलों में छूट नहीं दी गई है। जिसमें गौतम बुद्ध नगर भी शामिल है।

क्यों नहीं हटा लॉकडाउन
उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिन जिलों में 600 से कम कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले हैं। उन जिलों में लॉकडाउन को नाईट कर्फ्यू में बदल दिया गया है। लेकिन जिन जिलों में 600 से ज्यादा कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले है। वहां पर लॉकडाउन लागू रहेगा।

इन 20 जिलों में लॉकडाउन लागू
राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ, लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, बुलंदशहर, झांसी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, बागपत, जौनपुर, मुरादाबाद, गाजीपुर, बिजनौर और देवरिया में कोरोना मरीजों की संख्या इस समय 600 से ज्यादा है। इसलिए इन 20 जिलों में लॉकडाउन लागू रहेगा।

कब हटेगा लॉकडाउन
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिन जिलों में कोरोना के सक्रिय मामलों से संख्या 600 से जायद होगी। उन जिलों में गाइडलाइन के अनुसार अपने आप ही लॉकडाउन लागू होगा। लेकिन जिन जिलों में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 600 से कम हो गई। उस दिन लॉकडाउन अपने आप नाईट कर्फ्यू में बदल जायेगा।

सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक 5 दिन खुलेंगी दुकानें
गौतमबुद्ध नगर समेत 20 जिलों के अलावा बाकि जिलों में दुकान और बाजारों को हफ्ते में 5 दिन सुबह 7:00 से शाम 7:00 बजे तक खोलने की अनुमति मिली है। हालांकि कंटेनमेंट जोन में दुकानें बंद रहेंगी। शनिवार और रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग अभियान चलाया जाएगा। सभी दुकानों पर और दुकानदारों को कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। अगर कोई इसका उल्लंघन करता हुआ पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सुपर मार्केट को भी कोविड प्रोटोकॉल के अनिवार्य पालन के साथ खोलने की अनुमति मिली है।

नई गाइडलाइंस ये हैं - 
  1. कोरोना की रोकथाम के अभियान से जुड़े फ्रंटलाइन-सरकारी विभाग में सारे कर्मचारी उपस्थित होंगे। अन्य सरकारी कार्यालयों में अधिकतम 50% उपस्थिति रखी जाएगी। जिन 50 फीसदी कर्मियों को बुलाया जाएगा, उनका भी रोस्टर बनाया जाएगा। हर कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी।
  2. निजी कंपनियों के कार्यालय भी कोविड प्रोटोकॉल के अनिवार्य पालन के साथ खोले जा सकेंगे। हालांकि सरकार ने कहा है कि निजी कंपनियां महामारी से बचाव को देखते हुए work-from-home की व्यवस्था को लागू कर प्रोत्साहित करें। हर प्राइवेट कंपनी में भी कोविड हेल्प डेस्क बनाया जाना अनिवार्य है।
  3. औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे। इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को आईडी कार्ड या कंपनी प्रमाण पत्र के आधार पर आवागमन की अनुमति दी जाएगी। ऐसी औद्योगिक इकाइयों में भी कोविड हेल्प डेस्क बनाया जाएगा।
  4. सब्जी मंडियां पहले की तरह खुली रहेंगी। मगर घनी आबादी में संचालित सब्जी मंडियों को प्रशासन खुले स्थान पर संचालित करवाएगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए सब्जी मंडियों में भी हेल्प डेस्क स्थापित कराई जाएगी।
  5. रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और रोडवेज बस में कोविड प्रोटोकॉल के साथ स्क्रीनिंग और एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा मिलेगी। ताकि लक्षण युक्त व्यक्तियों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा जा सके। इन सेंटरों पर बने कोविड हेल्प डेस्क पर टेस्टिंग की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी।
  6. समस्त सरकारी और निजी कार्यालयों, औद्योगिक इकाई, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और मंडी में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगा। इसमें थर्मल स्क्रीनिंग के लिए इंफ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और सेनीटाइजर आदि की व्यवस्था की जाएगी। हर हेल्पडेस्क पर एक रजिस्टर होगा, जिसमें संदिग्ध और लक्षण युक्त व्यक्तियों को प्रवेश ना देकर उनकी सूचना जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रोजाना स्पष्ट विवरण (जिसमें नाम, आईडी कार्ड और मोबाइल नंबर लिखा हो) के साथ भेजी जाएगी। ताकि जिला प्रशासन ऐसे लोगों की तुरंत स्क्रीनिंग और टेस्टिंग करा सके।
  7. स्कूल-कॉलेज तथा शिक्षण संस्थान शिक्षण कार्य हेतु बंद रहेंगे। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई विभागीय आदेशों के मुताबिक कराई जा सकेगी। बेसिक/माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विद्यालय आने-जाने की अनुमति होगी। विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यालय जरूरत के मुताबिक खोले जा सकेंगे।
  8. बैंकों-बीमा कंपनियों, भुगतान प्रणाली व अन्य वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों की शाखाएं और कार्यालय खुले रहेंगे। यहां सामान्य कामकाज जारी रहेगा। हालांकि इन केंद्रों पर भी कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। बैंकिंग उद्योग को गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने आवश्यक सेवाओं के प्रदाता के रूप में वर्गीकृत किया है। इसलिए राज्य सरकार ने कहा है कि बैंक और वित्तीय सेवाओं के कर्मचारियों को उनके आईडी कार्ड के आधार पर आवागमने से न रोका जाए। साथ ही बैंक के खुले रहने की अवधि में उनके कामकाज में बाधा नहीं होनी चाहिए।

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