पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम: यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा- नोएडा और ग्रेटर नोएडा का भविष्य इससे तय होगा

नोएडा | 4 साल पहले | Anika Gupta

Tricity Today | यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा- नोएडा और ग्रेटर नोएडा का भविष्य इससे तय होगा



पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को गौतम बुध नगर में लागू हुए 6 महीने हो चुके हैं। बुधवार को जिले के दौरे पर आए औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना से भाजपा नोएडा महानगर के अध्यक्ष और दूसरे नेताओं ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को फेल करार देते हुए खत्म करने की मांग की। इस मुद्दे पर ट्राइसिटी टुडे अब तक गौतम बुध नगर के जनप्रतिनिधियों और बड़े भाजपा पदाधिकारियों से बात कर चुका है। उनकी राय आपके सामने आ चुकी है। आज हम इस व्यवस्था को लेकर आपके सामने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह की राय रख रहे हैं।

विक्रम सिंह ने कहा, "गौतम बुध नगर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने की सर्वत्र प्रशंसा हुई है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले की प्रशंसा न केवल गौतम बुध नगर और उत्तर प्रदेश में की गई है, बल्कि दिल्ली में भी लोग इसकी प्रशंसा कर रहे हैं। जब से गौतम बुध नगर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुआ है, क्राइम ग्राफ बहुत तेजी से नीचे गिरा है। कानून व्यवस्था सुधरी है। पुलिस के आचरण में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।"

पूर्व पुलिस महानिदेशक ने आगे कहा, "नोएडा और ग्रेटर नोएडा हाईटेक शहर हैं। यहां सारे लोग पढ़े-लिखे रहते हैं। न केवल देश भर के बल्कि विदेशों से आकर भी लोग यहां बसे हुए हैं। ऐसे हालात में इन शहरों को एक उच्चस्तरीय पुलिसिंग की जरूरत है। एक सीनियर लेवल के पुलिस अफसर की पोस्टिंग होना यहां बहुत जरूरी था। आप देख रहे होंगे गौतम बुध नगर के पहले पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने किस शानदार ढंग से काम किया है। सबसे बेहतर काम उनके नेतृत्व में कोरोना वायरस लॉकडाउन दौरान किया गया है। उन्होंने जन सुविधाओं और जन आकांक्षाओं पर खरा उतर कर दिखाया है।"

विक्रम सिंह ने आधुनिक पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा, "लॉकडाउन के दौरान नोएडा पुलिस ने बेहद शानदार ढंग से काम किया है। पहले लोग कहते थे कि दिल्ली से जैसे ही नोएडा में घुसते हैं, मालूम पड़ जाता है कि अब हम नोएडा में आ गए हैं। बेतरतीब ट्रेफिक और अव्यवस्था हावी हो जाती थी। यहां के क्रियाकलापों को देखकर लोगों को असहजता महसूस होती थी। अब यह भावना बिल्कुल बदल गई है। जिन लोगों ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को फेल बताया है, मैं उनकी भावना नहीं समझ पा रहा हूं। वह कैसे सफेद को बिल्कुल काला बताने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। मुझे लगता है यह पूरी तरह अपने निजी स्वार्थ से जुड़ा मामला हो सकता है। वह किसी भी राजनीतिक दल से हों, लेकिन उन लोगों के द्वारा ऐसी बात करने का सीधा मतलब है उनके अपने हित प्रभावित हो रहे हैं।"

डॉ विक्रम सिंह ने आगे कहा, "मैं और खास तौर से प्रबुद्ध वर्ग पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की पूरी तरह हिमायत करते हैं। यह योगी आदित्यनाथ सरकार का अभूतपूर्व फैसला है। यह जन सुविधाओं के लिए, जन सेवा के लिए और अच्छी कानून व्यवस्था के लिए बहुत ही कारगर उपाय है। हम लोग इसका दिल से स्वागत करते हैं और मांग करते हैं कि यह निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ता रहे। आलोक सिंह बेहद कड़क अफसर हैं। उनका ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि वह किसी का नाजायज़ काम नहीं करेंगे। जायज काम उनके यहां नहीं रुकेगा।"

उन्होंने कहा, "पहले इस शहर में रवायत रही है कि लोग बिजनेसमैन और इंडस्ट्रियलिस्ट को धमका कर अपना उल्लू सीधा करते रहे हैं। अब इस तरह की चीजें बंद हो चुकी हैं। लिहाजा ,उन्हें आलोक सिंह बतौर कमिश्नर अच्छे नहीं लग रहे होंगे। लेकिन मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा का भविष्य तय करेगा।"

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