साठा चौरासी का आरोप- दादरी के 18 गांवों का अस्तित्व समाप्त करना बड़ी साजिश

Google Image | साठा चौरासी परिवार ने रविवार को इस क्षेत्र के 18 गांवों को दादरी ब्लॉक से हटाकर बिसरख ब्लॉक में जोड़ने का विरोध किया।



साठा चौरासी परिवार ने रविवार को इस क्षेत्र के 18 गांवों को दादरी ब्लॉक से हटाकर बिसरख ब्लॉक में जोड़ने का विरोध किया। इस विरोध में सर्वदलीय पंचायत का आयोजन किया गया था। लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसर रविवार को दिन निकलते ही ऊंचा अमीरपुर गांव पहुंच गए। गांव में आयोजित होने वाली विरोध स्वरूप पंचायत को रोकने के लिए अफसरों ने परमिशन मांगी। मजबूर होकर लोगों को बैरंग लौटने पर मजबूर कर दिया।

रविवार की सुबह 11 बजे ऊंचा अमीरपुर गायत्री मंदिर पर इस पंचायत का आयोजन किया गया था। उससे पहले ही सुबह पुलिस और प्रशासन का जमावड़ा लगना शुरु हो गया। अफसरों ने पंचायत के आयोजकों से परमिशन दिखाने की बात कही। कोरोना से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए पुलिस ने पंचायत नहीं करने की बात कही। इस दौरान आयोजक नदारद दिखे। पुलिस ने आयोजकों से फोन पर संपर्क किया। पंचायत की परमिशन मांगी। ग्राम ऊंचा अमीरपुर के गायत्री मंदिर परिसर में दादरी ब्लॉक के 18 गांवों को बिसरख ब्लॉक में शामिल किए जाने के विरोध में इस पंचायत को रोकने के लिए पहुंचे पुलिस-प्रशासन ने परमिशन नहीं होने का हवाला दिया।

पुलिस के दबाव के चलते क्षेत्र से पंचायत में शरीक होने पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। ग्राम खंगौड़ा से पंचायत में पहुंचे बलवीर सिंह और कैलाश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचार रखने का अधिकार है, लेकिन इस तरह पुलिस की कार्रवाई अनुचित है। बता दें कि पंचायत को बैठक का रूप देते हुए गांव में मामचंद सिंह के आवास पर आगामी रणनीति बानी। आगामी योजनाओं को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से बैठक में विचार रखे गए।

बैठक को संबोधित करते हुए साठा चौरासी परिवार के संरक्षक और जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र प्रधान ने कहा कि जिस बिसरख का अस्तित्व पूर्व में खत्म हो चुका है, उसे जिंदा रखना और दादरी ब्लॉक के 18 गांवों का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त करना, यह सोची समझी साजिश है। जिसे क्षेत्र की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन देकर ग्रामीणों का दर्द रखा जाएगा। उन्होंने कहा, आने वाले समय में क्षेत्र का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। क्षेत्र की जनता को होने वाली दिक्कतों से अवगत कराएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जारचा मंडल अध्यक्ष विचित्र तोमर ने कहा कि दादरी ब्लाक के 18 गांवों का बिसरख ब्लॉक में जोड़ा जाना अनुचित है। इस संदर्भ में वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व क्षेत्रीय महामंत्री सतेंद्र सिसौदिया और विधायक तेजपाल नागर क्षेत्र की जनता की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत करा चुके हैं। अब एक बार फिर क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाएगा।इस दौरान वक्ताओं ने दादरी ब्लाक के 18 गांवों को बिसरख ब्लॉक में जोड़ने का विरोध दर्ज किया। लोगों ने कहा कि शासन और प्रशासन ने जिस तरह दादरी ब्लॉक के इन गांवों का राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अस्तित्व खत्म क्या है, यह सोची समझी साजिश का एक हिस्सा है। 

साठा चौरासी के प्रमुख लोगों ने कहा कि ग्रामीण बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस संबंध में क्षेत्रीय ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाएगा। जरूरत पड़ी तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल करके न्याय की मांग की जाएगी। भाजपा नेता और पूर्व प्रधान सुरेन्द्र खारी, ग्राम ततारपुर के पूर्व प्रधान राजीव सिसोदिया, चौना के पूर्व प्रधान लीले सिंह ,सुरेंद्र प्रधान सालारपुर, सतेन्द्र सिसौदिया, बलवीर सिंह, भीष्म शर्मा खगौडा, हरबीर सिंह, रविन्द्र सिंह, दीनदयाल शर्मा पटाडी, कैलाश सिंह, राहुल ततारपुरिया, राम प्रकाश राणा, नरेंद्र सिंह, रविन्द्र तोमर, टीटू सिसौदिया, सुभाष सिंह, मुकेश, चमन चौहान ततारपुर, बीनू राणा ने विचार व्यक्त किए।

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