BIG NEWS: नोएडा-दिल्ली बॉर्डर क्या 1 जून से खुलेगा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बाजार खुलने के नियम बदलेंगे

नोएडा | 4 साल पहले | Tricity Reporter

Tricity Today | Noida-Delhi Border



लॉकडाउन-4 खत्म होने में अब केवल 2 दिन शेष हैं। 31 मई को लॉकडाउन-4 का आखरी दिन होगा। अब लोगों का सवाल है कि 1 जून से नई व्यवस्था क्या होगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों का सबसे बड़ा सवाल दिल्ली बॉर्डर को लेकर है। हर किसी को इंतजार है कि दिल्ली बॉर्डर खुले और वह आवागमन कर सकें। लेकिन जिले के लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण जानकारी है कि 1 जून से भी दिल्ली बॉर्डर नहीं खोला जाएगा। गुरुवार को डीएम की ओर से जिले के लोगों के लिए लिखे गए खुले पत्र में भी यह बात कही गई थी कि संक्रमण से बचाव के लिए थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, व्यापारियों की मांग पर जिला प्रशासन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बाजारों को खोलने के नियमों में बदलाव करने की सहमति दे दी है।

लॉकडाउन-4 के दौरान केंद्र, राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर राहत दी हैं। बाजार खुल गए हैं। कंपनियां चलने लगी हैं। लोग दफ्तर आ-जा रहे हैं। काम-धंधे पटरी पर वापस लौट रहे हैं। इस बीच तीन मांगे महत्वपूर्ण रूप से सामने उभरकर आई। जिन पर जिला प्रशासन ने व्यापक रूप से मंथन किया और फैसले लिए हैं। 

मीडिया से बातचीत करते हुए गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा, हाउसिंग सोसाइटी को सील करने और वहां कंटेनमेंट जोन घोषित करने के नियमों में खासी राहत दे दी गई है। अब अगर किसी हाउसिंग सोसाइटी में कोरोनावायरस से केवल एक व्यक्ति संक्रमित मिलता है तो पूरी सोसाइटी को सील नहीं किया जा रहा है। सोसायटी के केवल उसी सेक्टर को सील किया जा रहा है, जहां संक्रमित व्यक्ति का घर है। 

दूसरी राहत जिले के व्यापारियों को दी गई है। दरअसल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के शहरी बाजारों को ओड-ईविन फार्मूले के तहत खोला जा रहा है। रविवार को सभी दुकानें बंद करने का नियम बनाया गया है। इस पर व्यापारियों ने आपत्ति जाहिर की है। व्यापारियों का तर्क है कि रविवार के दिन लोग वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं। कामकाजी लोग रविवार के दिन अपने घरेलू काम निपटाते हैं। ऐसे में अगर रविवार को पूरे जिले के बाजार बंद रहेंगे तो इसका दोहरा नुकसान होगा।

एक और आम आदमी अपने काम नहीं निपटा पाएगा। दूसरी ओर इससे व्यापारियों को बड़ा नुकसान होता है। व्यापार संघ की ओर से जिलाधिकारी को एक प्रस्ताव दिया गया। व्यापारियों ने कहा कि अब मंगलवार को सभी दुकानें बंद रखने का नियम बनाया जाए। इस पर जिला प्रशासन सहमति दे दी है। बताया जा रहा है कि 1 जून से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाजार खोलने के लिए नियमों में बदलाव करके नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

तीसरी सबसे बड़ी मांग दिल्ली बॉर्डर को खोलने की है। गौतमबुद्ध नगर जिले में ऐसे लोग बड़ी संख्या में हैं, जो दिल्ली बॉर्डर को खोलना चाहते हैं। उनका कहना है कोई भी कामकाज तभी चल पाएगा जब दिल्ली आवागमन होगा। बड़ी संख्या में लोग दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं। व्यापारियों को वहां से सामान लाना पड़ता है। बॉर्डर सील होने के कारण यह सारी गतिविधियां थम गई हैं। इस पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई पूरी तरह स्पष्ट कर चुके हैं। 

डीएम ने कहा है, दिल्ली से आवागमन के कारण जिले में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी के साथ बढ़ रहा है। लिहाजा, दिल्ली बॉर्डर को खोला नहीं जाएगा। केवल अधिकृत पास के जरिए ही लोग आवागमन कर सकेंगे। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को शुरू से ही नहीं रोका गया है। वह बदस्तूर आवागमन कर सकते हैं। ऐसे में बॉर्डर को निर्बाध रूप से शुरू करना खतरे से खाली नहीं है। इस मसले पर जिला प्रशासन, शासन से भी बातचीत कर चुका है। 

गुरुवार को डीएम की ओर से जारी किए गए पत्र में भी यह बात कही गई है। संक्रमण को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए अगर बॉर्डर सील रखना पड़ता है तो इससे होने वाला कष्ट सभी को मिलकर सहन करना होगा। अतः कुल मिलाकर स्थिति साफ है कि 1 जून से भी दिल्ली बॉर्डर नहीं खोला जाएगा। 

दूसरी ओर नोएडा जिला प्रशासन के नक्शेकदम पर आगे बढ़ते हुए एनसीआर के बाकी जिलों का प्रशासन भी दिल्ली बॉर्डर सील कर रहा है। इसी कड़ी में पिछले सप्ताह गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने बॉर्डर सील करने की घोषणा की थी। शुक्रवार से फरीदाबाद और गुड़गांव ने भी दिल्ली की सीमा को सील कर दिया है। गुड़गांव, फरीदाबाद और गाजियाबाद के प्रशासन का भी यही तर्क है कि दिल्ली से आवागमन के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो चला है।

अन्य खबरें