नोएडा के कैलाश अस्पताल में दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की मौत, लापरवाही के आरोप पर सीएम ने दिया जांच का आदेश

नोएडा | 4 साल पहले | Mayank Tawer

Google Image | कैलाश अस्पताल, नोएडा



Delhi Police के एक सब इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान नोएडा के Kailash Hospital में मौत हो गई है। इस मामले में कैलाश अस्पताल प्रबंधन पर गम्भीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायती पत्र भेजा है। उनका आरोप है कि उनके पति की मौत का जिम्मेदार अस्पताल का स्टाफ और प्रबंधन है। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने नोएडा पुलिस कमिश्नरेट को जांच सौंपी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

नरेला (दिल्ली) की रहने वाली महिला राजेश ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। यह पत्र Tricity Today के पास उपलब्ध है। राजेश ने इस पत्र के माध्यम से शिकायत की है कि उनके पति धर्मवीर सिंह खत्री दिल्ली के डीसीपी नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ऑफिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। राजेश ने Tricity Today को बताया कि 12 जून को उनके पति धर्मवीर को सीने में दर्द हुआ था। उन्हें नोएडा में सेक्टर-27 के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

राजेश का आरोप है कि अस्पताल में उनके पति को पहले कोविड-19 संक्रमण के लक्षण वाले मरीज के साथ सेमी प्राइवेट वार्ड में रखा गया। समय से उनके दिल का चेकअप भी नहीं किया गया। उनके साथ सेमी प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीज जब कोविड-19 पॉजिटिव निकला तो उनके पति धर्मवीर को 14 जून को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। 15 जून को धर्मवीर की एंजियोग्राफी कराई गई और कैलाश अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि बाईपास सर्जरी करनी पड़ेगी। राजेश का कहना है, "मैंने बाईपास सर्जरी करने की सहमति दे दी, लेकिन डॉक्टर सर्जरी को टालते रहे। करीब एक सप्ताह बाद 22 फरवरी को मेरे पति की बाईपास सर्जरी की गई।"

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने उनको बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और जल्दी रिकवर हो जाएंगे। लेकिन 3 दिन बाद सब इंस्पेक्टर धर्मवीर को को होश आया। इसके बाद बताया गया कि उनके फेफड़े में पानी जमा हो गया है और इंफेक्शन हो गया है। इंफेक्शन कम नहीं होने पर धर्मवीर की कोविड-19 की एकबार फिर जांच की गई। वह कोरोना पॉजिटिव निकले। इस पर घरवालों का कहना है कि इस दौरान धर्मवीर अस्पताल में भर्ती थे, तो आखिरकार वह नेगेटिव से पॉजिटिव कैसे हो गए। राजेश ने आरोप लगाया कि उनके पति को कोविड-19 अस्पताल के ही किसी स्टाफ से हुआ है। इस दौरान धर्मवीर की पत्नी राजेश और उनके परिवार ने भी कोविड-19 की जांच कराई तो उन लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 

राजेश के मुताबिक 2 जुलाई को अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि धर्मवीर को पैरालाइसिस अटैक आ गया है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि उनकी मृत्यु हो गई है। धर्मवीर की पत्नी राजेश का आरोप है कि उनके पति की मौत और संक्रमण का कारण अस्पताल की लापरवाही है। जिसका जिम्मेदार अस्पताल का स्टाफ और प्रबंधन है। राजेश की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने नोएडा पुलिस कमिश्नरेट को इस मामले में जांच करने के लिए कहा है।

इस पूरे प्रकरण की जांच नोएडा में एसीपी फर्स्ट को सौंपी गई है। दूसरी ओर राजेश ने यह शिकायत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेजी है। राजेश देवी का कहना है कि उनके पति की मौत के लिए अस्पताल का स्टाफ, डॉक्टर और मैनेजमेंट जिम्मेदार है। उन्हें अगर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस से इंसाफ नहीं मिला तो वह इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगी। इस प्रकरण पर कैलाश अस्पताल प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस प्रकरण पर कैलाश अस्पताल प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया जा रहा है।

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